मुज़फ्फरनगर में व्यापारी की पत्नी की कोरोना से मौत, 15 दिन पहले बेटे की भी ले ली थी कोरोना ने जान, दहशत में है परिजन

 

खतौली। कस्बे के प्रतिष्ठित व्यापारी के पुत्र के बाद पत्नी की कोरोना महामारी की चपेट में आकर मौत होने से कस्बेवासियों में भारी दहशत का माहौल है। कोरोना महामारी के पुन: ज़ोर पकडऩे के बावजूद प्रशासनिक अधिकारियों व स्वास्थ्य विभाग द्वारा महामारी के प्रति उदासीन रवैया अपनाने से नागरिको में व्यवस्था के प्रति आक्रोश पनप रहा है। कस्बे के बड़े बाज़ार निवासी व्यापारी पुत्र को नवम्बर के पहले सप्ताह में कोरोना संक्रमित पाये जाने पर उपचार हेतु सुभारती मेडिकल कॉलिज में भर्ती कराया गया था। बीती 9 नवम्बर को सुभारती मेडिकल कॉलिज मेरठ में भर्ती व्यापारी पुत्र की मौत होने के बाद नींद से जागे स्वास्थ्य विभाग द्वारा मृतक कोरोना संक्रमित के परिजनों की करायी गयी कोरोना जाँच में संक्रमित पाये जाने पर व्यापारी के अलावा इसकी पत्नी और माँ को मुजफ़्फरनगर मेडिकल कॉलेज बेगराजपुर के आईसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया था। कुछ दिन के उपचार के बाद व्यापारी और इनकी माँ ठीक होकर घर वापस लौट आये थे, जबकि व्यापारी की पत्नी का इलाज चल रहा था।

बताया गया कि शनिवार देर रात को व्यापारी की कोरोना संक्रमित पत्नी ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। 15 दिनों के अन्दर उपचाराधीन कोरोना संक्रमित माँ बेटे की मौत होने से परिजनों में हड़कम्प मचने के साथ ही कस्बेवासियों में भारी दहशत का माहौल है।

आरोप है कि कोरोना के पुन: रफ्तार पकडऩे से बेख़बर रहकर प्रशासनिक अधिकारी व स्वास्थ्य विभाग महामारी के प्रति उदासीन रवैया अपना रहे हैं, जिसके चलते नागरिको में प्रशासनिक व्यवस्था के प्रति आक्रोश पनप रहा है। उल्लेखनीय है कि कोरोना संक्रमित माँ बेटे की मौत होने के अलावा कस्बे के अनेक कोरोना संक्रमित मरीज़ प्राइवेट व सरकारी अस्पतालों में भर्ती रहकर अपना उपचार करा रहे हैं, जिनमे कस्बे में तैनात एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अलावा प्रतिष्ठित चिकित्सक, ट्रैक्टर पुली निर्माता, सेवानिवृत्त शिक्षक व इनकी पत्नी आदि शामिल हैं। इसके अलावा कस्बे में रोज़ कोरोना संक्रमित मरीज़ पाये जाने के बावजूद बैरिकेडिंग व सैनिटाइज़ेशन जैसे कोई भी ऐहतियाती क़दम प्रशासनिक स्तर से नही उठाये जा रहे हैं। पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा बाज़ारों में भीड़ को एकत्रित होने से रोकने के सरकार के दो गज़ दूरी मास्क है ज़रूरी नियम का कड़ाई से पालन कराने के लिये भी गम्भीरता से प्रयास नही किये जा रहे हैं। कस्बे में दहशत का माहौल व्याप्त है।

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