जेनेवा:विश्व स्वास्थ्य संगठन ने शनिवार को चेतावनी दी कि कोरोना वायरस महामारी के "लम्बे" वक्त रहने की संभावना है

 

महामारी को लेकर स्थिति का मूल्यांकन करने के लिए हुई बैठक के बाद ये बयान जारी किया गया है. WHO की आपातकालीन समिति ने COVID-19 महामारी के लंबे वक्त तक रहने के बारे में जानकारी दी.

बता दें कि तमाम प्रयासों के बीच भारत में कोरोना वायरस के नए मामलों के रिकॉर्ड रोज टूट रहे हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा शनिवार को जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटों में Covid-19 के सर्वाधिक 57,118 नए मामले सामने आए हैं. जिसके बाद कुल संक्रमित मामलों की संख्या 17 लाख के आंकड़े के करीब पहुंच गई है. बता दें कि कुल संक्रमितों की संख्या 16,95,988 हो चुकी है. इस दौरान 764 लोगों की मौत हुई है, जिसके बाद कुल मृतकों की संख्या 36,511 हो गई है. वहीं अब तक 10,94,374 लोग इस वायरस को मात देकर ठीक होने में कामयाब रहे हैं. बात करें रिकवरी रेट की, तो इसमें मामूली बढ़ोतरी के साथ यह बढ़कर 64.52 फीसदी हो गया है, वहीं पॉजिटिविटी रेट भी 10.86 फीसदी हो चुका है.

विश्व स्वास्थ्य्य संगठन (WHO) के महानिदेश टेड्रोस एडनॉम घेबियस (Tedros Adhanom Ghebreyesus) ने शुक्रवार को कहा है कि वैश्विक तौर पर कोरोनावायरस (Coronavirus) का प्रकोप भविष्य में लंबे समय तक रहेगा.

टेड्रोस ने WHO की इमरजेंसी कमिटी की मीटिंग में कहा, "महामारी एक सदी में एक बार होने वाला स्वास्थ्य संकट है, जिसके प्रभाव को आने वाले दशकों तक महसूस किया जाएगा."चीन के वुहान में 17 मिलियन से अधिक मामले ठीक होने के बाद से महामारी ने 670,000 से अधिक लोगों की जान ली है.

संयुक्त राज्य अमेरिका, ब्राजील, मैक्सिको और ब्रिटेन की हाल ही के हफ्तों में स्थिति बेहद ख़राब रही है, हालांकि सरकारों ने लगातार उससे लड़ने की कोशिश की है. लॉकडाउन की वज़ह से अर्थव्यवस्था पर खराब असर पड़ा है. लगभग 150 से ज़्यादा कंपनियां कोरोना वैक्सीन बनाने में जुटी हुई हैं, हालांकि 2021 की शुरुआत से पहले इसके इस्तेमाल की संभावना नहीं है.

टेड्रोस (Tedros) ने कहा कि वायरस (Virus) को लेकर जानकारी एडवांस हुई है, लेकिन अभी भी कई सवाल अनसुलझे हैं. उन्होंने कहा कि सीरोलॉजी (एंटीबॉडी) रिसर्च के शुरुआती नतीजे एक अच्छी तस्वीर पेश कर रहे हैं. दुनिया के ज़्यादातर लोग इसके प्रति संवेदनशील है, यहां तक कि उन क्षेत्रों में भी जहां इसका गंभीर प्रभाव देखा जा रहा है. कई देशों का मानना था कि उनकी कोरोनावायरस (Coronavirus) की स्थिति पहले सबसे खराब थी, लेकिन उन जगहों पर अब और केस सामने आ रहे हैं. जहां शुरुआत में प्रभाव कम था, वहां अब मामलों और मौतों की संख्या ज़्यादा है.

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