धनतेरस पर स्वर्णमयी अन्नपूर्णा का भी इस वर्ष गर्भगृह से नहीं मिलेगा दर्शन, प्रवेश द्वार से ही करने होंगे

 

-माता रानी का खजाना डाक से भी प्राप्त कर सकते है श्रद्धालु, सुबह 06 बजे से शुरू होगा दर्शन पूजन

वाराणसी,। वर्ष में सिर्फ चार दिनों के लिए धनतेरस पर्व से खुलने वाले स्वर्णमयी अन्नपूर्णेश्वरी के दरबार में इस बार भक्तों को गर्भगृह से दर्शन का अवसर नहीं मिलेगा। कोरोना काल में उन्हें मंदिर के प्रवेश द्वार से ही दर्शन पूजन करना होगा। खास बात यह है कि इस बार मंदिर प्रबंधन ने पर्व पर वितरित होने वाले खजाने को डाक से भी भक्तों के घर भेजवाने का प्रबंध किया है।

मंदिर के महंत रामेश्वर पुरी और उप महंत शंकर पुरी ने रविवार शाम मंदिर परिसर में प्रेस वार्ता में बताया कि कोरोना संक्रमण काल में मंदिर के प्रवेश द्वार से ही स्वर्णमयी प्रतिमा के दर्शन होंगे। द्वार पर ही माता का खजाना और लावा वितरण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 12 नवम्बर को भोर 4:35 से 5:35 बजे तक माता रानी की महाआरती होगी। आम श्रद्धालुओं के लिए सुबह 06 बजे से मंदिर के कपाट खोल दिए जाएंगे। चारों दिन दर्शन पूजन के समय सुरक्षा की दृष्टि से मंदिर में दो दर्जन सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। चिकित्सकीय टीम भी तैनात रहेगी। स्वर्णमयी दरबार का दर्शन पूजन छोटी दीपावली से अन्नकूट पर्व तक भोर में 4 बजे से रात्रि 11 बजे तक होगा। मंदिर में वीआईपी दर्शन के लिए समय शाम 5 से 7 रहेगा। वृद्ध और दिव्यांगों के लिए दर्शन की सुगम व्यवस्था रहेगी।

-ऐसे मिलेगा प्रवेश

उप महंत शंकर पुरी ने बताया कि धनतेरस पर मां अन्नपूर्णा की स्वर्णमयी झांकी के दर्शन के लिए बांसफाटक, कोतवालपुरा गेट, ढुंढिराज गणेश होते हुए मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा। अस्थायी सीढ़ियों से श्रद्धालु मंदिर के प्रथम तल पर स्थित माता के परिसर में पहुंचेंगे। पीछे के रास्ते से राम मंदिर परिसर होते हुए कालिका गली से निकास दिया जाएगा। व्यवस्था को सुचारू रूप से बनाने के लिए मंदिर परिसर में जगह-जगह वालेंटियर तैनात किए जाएंगे। थर्मल स्कैनिंग और हाथों को सैनिटाइज करने के बाद श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा। दो गज के दूरी के नियमों का पालन कराते हुए पांच-पांच भक्तों को एकसाथ प्रवेश दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस वर्ष पूरा विश्व कोरोना महामारी से लड़ रहा है। बाबा विश्वनाथ और मां अन्नपूर्णेश्वरी के आशीर्वाद से व्यवस्थाएं धीरे-धीरे पटरी पर आ रही है। हालांकि खतरा अभी टला नहीं है, ऐसे में सावधानी जरूरी है।

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