कार्बन उत्सर्जन में कमी कर प्राकृतिक गैस की हिस्सेदारी बढ़ाएंगे: मोदी

 

नई दिल्ली 21 नवंबर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नेेे शनिवार को कहा कि भारत पर्यावरण के संतुलन को बनाए रखते हुए अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा कर रहा है और उसने कार्बन उत्सर्जन में 30 सेे 35 प्रतिशत की कमी करने तथा प्राकृतिक गैस की हिस्सेदारी चार गुना बढ़ाने का लक्ष्य रखा है।

मोदी ने गुजरात के गांधीनगर में पंडित दीनदयाल पेट्रोलियम विश्वविद्यालय के 8वें दीक्षांत समारोह में वर्चुअल माध्यम से हिस्सा लिया। उन्होंने 45 मेगावाट के उत्पादन संयंत्र मोनोक्रिस्टलाइन सोलर फोटोवोल्टिक पैनल और जल प्रौद्योगिकी उत्कृष्ठता केन्द्र की आधारशिला भी रखी। उन्होंने विश्वविद्यालय में 'अभिनव और उद्भवन केन्द्र-प्रौद्योगिकी व्यापार इनक्यूबेशन', 'ट्रांसलेशनल अनुसंधान केन्द्र' और 'खेल परिसर' का भी उद्घाटन किया।

प्रधानमंत्री ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसे समय में स्नातक होना आसान बात नहीं है जब विश्व इतने बड़े संकट का सामना कर रहा है, लेकिन उनकी क्षमताएं इन चुनौतियों से बहुत बड़ी हैं। उन्होंने कहा कि छात्र इस उद्योग में ऐसे समय में प्रवेश कर रहे हैं जब महामारी के कारण दुनिया भर में ऊर्जा क्षेत्र में व्यापक बदलाव हो रहे हैं।

मोदी ने कहा कि इस दृष्टि से, आज भारत के ऊर्जा क्षेत्र में वृद्धि, उद्यमिता और रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने बताया कि देश अपने कार्बन उत्सर्जन को 30-35 प्रतिशत तक कम करने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहा है और इस दशक में हमारी ऊर्जा जरूरतों में प्राकृतिक गैस की हिस्सेदारी को बढ़ाने के लिए प्रयास किए गए हैं। उन्होंने बताया कि अगले पांच वर्षों में तेल शोधन क्षमता को दोगुना करने का कार्य जारी है, ऊर्जा सुरक्षा से संबंधित स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत किया जा रहा है और छात्रों एवं पेशेवरों के लिए एक कोष बनाया गया है।

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