मेरठ: शहर को जाम से मुक्त करना है तो करनी होगी अतिक्रमण पर दंडनात्मक करवाई

 
मेरठ। अगर शहर में कहीं जाना है तो एक घंटा पहले निकले क्योंकि काफी अर्से से पूरे शहर की शायद ही कोई गली या सड़क नहीं है, जहां रोजाना जाम न लगता हो। जाम के मुख्य कारण अवैध पार्किंग, दुकानदारों द्वारा अतिक्रमण तथा हजारों की संख्या में चल रहे ई-रिक्शा तथा टैम्पू हैं।
जाम की वजह से रोजाना गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति को ले जा रही एम्बुलेन्स भी जाम में फंस जाती है। अगर अतिक्रमण और शहर को जाम से मुक्त कराना है तो स्थायी और अस्थायी रूप से किए गए अतिक्रमण से रोड की चौड़ाई आधे से भी कम हो गई है और तो और आधा शहर अवैध पार्किंग से रोड जाम की समस्या से पीडि़त है। इस पर कठोर दंडनात्मक करवाई करने के बाद ही शहर को इस जाम के झाम से मुक्त किया जा सकता है। वैसे तो अतिक्रमण हटाने के नाम पर टैफिक पुलिस का कई बार डंडा चलता है, लेकिन दूसरे दिन स्थिति पहले की तरह ही हो जाती है। ताजा उदाहरण पिछले ही माह का है जहां लालकुर्ती बाजार को खुद एसएसपी मंजिल सैनी दहल द्वारा खुद अतिक्रमण मुक्त कराया गया था, लेकिन दो दिन बाद से अब तक वहां के हालात फिर पहले जैसे हो गए हैं।
शादी के सीजन से पहले अधिकतर विवाह मण्डप दिल्ली रोड पर होने के कारण मण्डलायुक्त डा. प्रभात कुमार ने खुद मण्डप संचालकों को रोड पर आतिशबाजी तथा रोड पर पार्किंग न होने के आदेश दिए थे। उन्होंने मंडप संचालकों के साथ बैठक भी की थी। इसके बावजूद अभी भी शादी समारोह के दौरान दिल्ली रोड स्थित मंडपों के सामने अवैध रूप से अवैध पार्किंग होती है, जिस कारण जाम की स्थिति आए दिन बनी रहती है।

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