मेरठ: अब अनाथालय को कहा जाएगा सनाथालय: आयुक्त

 
मेरठ। गांधी जयन्ती के अवसर पर रामानुज दयाल वैश्य बालसदन में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए आयुक्त डा. प्रभात कुमार ने कहा कि हमे अपने शब्दकोष से अनाथालय शब्द हटा देना चाहिए तथा उसके स्थान पर सनाथालय या सनाथाश्रम कर देना चाहिए। इस अवसर पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को सम्मानित किया गया। नगर निगम में आयोजित कार्यक्रम में आयुक्त ने कहा कि टाउन हॉल के पुराने स्वरूप को वापस लौटाया जाएगा।
रामानुज दयाल वैश्य बालसदन में आयोजित कार्यक्रम में आयुक्त डा. प्रभात कुमार ने कहा कि हर बच्चे में वह गुण है कि वह बड़ा आदमी बन सकता है। उन्होंने बच्चों को गांधी जी के बताये अहिंसा के मार्ग पर चलने व मेहनत से पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बच्चों को कविता पाठ कर सुनाया तथा किसी भी प्रकार की मदद के लिये उनके मोबाइल पर एसएमएस भेजने के लिए कहा। उन्होंने बच्चों से कहा कि वह स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को अपना रोल मॉडल बनायें। आयुक्त ने कहा कि 120 करोड़ लोगों के देश में कोई भी अनाथ कैसे हो सकता है, इसलिए हमें अपने शब्दकोष से अनाथालय शब्द हटा देना चाहिए तथा उसके स्थान पर सनाथालय या सनाथाश्रम कर देना चाहिए। इस अवसर पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी अमर नाथ व महेन्द्र कुमारी चौहान को शॉल उड़ाकर सम्मनित किया गया व कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रगान हुआ।
बालसदन के रवि मल्होत्रा ने बताया कि सदन में 25 लड़कियों व 29 लड़ाकों सहित 54 बच्चे निवासित है, जिनके खान-पान सहित पढ़ाई-लिखाई की व्यवस्था सदन द्वारा की जाती है। उन्होंने बताया कि सदन की स्थापना 1896 में हुई थी। इस अवसर पर चौधरी चरण सिंह विवि के कुलपति प्रो. रविन्द्र कुमार ने भी विचार व्यक्त किये। कार्यक्रम का संचालन रवि कुमार विश्नोई ने किया।
आयुक्त ने कहा कि टाउन हॉल के पुराने स्वरूप को वापस लौटाया जाएगा। इस अवसर पर एडीएम सिटी मकेश चन्द्र, सुनील जैन, कन्हैया, अजय मित्तल, महेश शर्मा, ब्रजभूषण गुप्ता, सहित अन्य गणमान्य भी उपस्थित रहे।

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