Thursday, February 27, 2025

महाशिवरात्रि समारोह में शामिल हुए अमित शाह, ईशा सेंटर में साधकों का उमड़ा जनसैलाब

कोयंबटूर। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर कोयंबटूर स्थित ईशा योग केंद्र में भव्य समारोह में हिस्सा लिया। इस दौरान ईशा फाउंडेशन के संस्थापक सद्गुरु जग्गी वासुदेव भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में हजारों की संख्या में साधक और श्रद्धालु शामिल हुए, जिससे पूरा ईशा सेंटर भक्ति और आध्यात्मिकता के रंग में सराबोर हो गया।

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समारोह के दौरान अमित शाह ने ईशा सेंटर स्थित ध्यानलिंग को प्रसाद अर्पित किया और साधकों के साथ इस पावन पर्व का हिस्सा बने। अपने संबोधन में उन्होंने सद्गुरु जग्गी वासुदेव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मैं आदियोगी के चरणों में नमन करता हूं। सद्गुरु जी के निमंत्रण पर यहां आकर खुद को बहुत सौभाग्यशाली मानता हूं। आज सोमनाथ से केदारनाथ तक, पशुपतिनाथ से रामेश्वरम तक और काशी से कोयंबटूर तक पूरा देश शिवमय हो रहा है।”

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उन्होंने महाशिवरात्रि के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि जब संपूर्ण ब्रह्मांड शिवमय हो जाता है, तभी शिवरात्रि की वास्तविक अनुभूति होती है। आज शिव और पार्वती के मिलन का दिन है, यही वह क्षण है जब मोक्ष का द्वार खुलता है। शिव एक कल्याणकारी चेतना हैं, जो संहारक भी हैं और पालनकर्ता भी। शिव ही संपूर्ण अस्तित्व के आधार हैं।”

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अमित शाह ने ईशा फाउंडेशन के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि ईशा योग केंद्र ने साधना, भक्ति और योग के माध्यम से लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाया है। यहां आदियोगी की विशाल प्रतिमा हमें आध्यात्मिक यात्रा के 112 मार्गों का अनुभव कराती है और हमें योग और ध्यान की शक्ति से परिचित कराती है।”

उन्होंने इसे केवल एक तीर्थ स्थल नहीं, बल्कि मुक्ति का केंद्र बताया और कहा कि “यह स्थान पूरे विश्व में आध्यात्मिकता का प्रतीक बन चुका है। सद्गुरु केवल एक संत ही नहीं, बल्कि राष्ट्र की एक अमूल्य संपत्ति के रूप में उभरे हैं।”

अमित शाह ने योग की महत्ता पर भी जोर देते हुए कहा कि योग केवल प्राचीन परंपरा नहीं, बल्कि आज भी उतना ही प्रासंगिक है। यह मन, शरीर और आत्मा को जोड़कर व्यक्ति को परमात्मा से जोड़ने का कार्य करता है। यह केवल एक साधना पद्धति नहीं, बल्कि भक्ति का मार्ग भी प्रशस्त करता है।”

उन्होंने तमिल संस्कृति की समृद्ध विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत की संस्कृति का वर्णन तमिल संस्कृति की चर्चा के बिना अधूरा है। तमिलनाडु आध्यात्मिकता और ज्ञान का केंद्र रहा है और यहां की संस्कृति ने पूरे देश को आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग दिखाया है।”

इस भव्य आयोजन में देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु पहुंचे और पूरी रात भजन, कीर्तन और ध्यान के माध्यम से महाशिवरात्रि का पर्व मनाया। पूरे ईशा योग केंद्र में शिवभक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार देखने को मिला।

महाशिवरात्रि समारोह का सीधा प्रसारण भी किया गया, जिसे लाखों लोगों ने ऑनलाइन देखा। सद्गुरु ने भी महाशिवरात्रि की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए साधकों को संबोधित किया।

इस अवसर पर अमित शाह ने प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ के समापन का भी जिक्र किया और कहा कि आज जब प्रयागराज में महाकुंभ का समापन हो रहा है, मैं यहां कोयंबटूर में भक्ति के महाकुंभ का साक्षी बन रहा हूं।”

पूरे भारत में महाशिवरात्रि का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। काशी, उज्जैन, सोमनाथ, केदारनाथ और अन्य शिवधामों में विशेष पूजन-अर्चना की गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई गणमान्य नेताओं ने महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं दीं। देशभर के मंदिरों में लाखों श्रद्धालुओं ने रात्रि जागरण और अभिषेक किया।

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