तमिलनाडु बीजेपी ने पार्टी नेता गायत्री रघुरामन को 6 महीने के लिए निष्कासित किया

 
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चेन्नई। भारतीय जनता पार्टी की तमिलनाडु इकाई के अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने पार्टी की वरिष्ठ नेता गायत्री रघुरामन को छह महीने के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। यह पार्टी पदाधिकारियों सूर्या शिवा और डेजी सरन के बीच एक विवादास्पद टेलीफोन कॉल के बाद हुआ, जिसमें रघुरामन ने पार्टी की महिला नेता सरन का समर्थन किया। अन्नामलाई ने मीडिया को दिए एक बयान में कहा, गायत्री रघुरामन को पार्टी के अनुशासन का लगातार उल्लंघन करने और पार्टी की छवि को खराब करने के लिए पार्टी के हित के खिलाफ काम करने के लिए छह महीने के लिए पार्टी पद से हटा दिया गया है। उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से इस दौरान उनके साथ पार्टी से जुड़ा कोई संवाद नहीं करने को कहा।

गायत्री ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की और ट्वीट में कहा, मैं स्वीकार करती हूं। लेकिन जो लोग मुझसे प्यार करते हैं वह मुझसे बात करेंगे। इसे कोई नहीं रोक सकता। मैं निलंबन के साथ देश के लिए काम करूंगी। कुछ दिन पहले भाजपा, ओबीसी मोर्चा और अल्पसंख्यक मोर्चा के नेता एक-दूसरे के खिलाफ उतर आए थे। सोमवार रात ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सूर्या शिवा और अल्पसंख्यक मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष डेजी सरन के बीच हुई बातचीत लीक हो गई।

बातचीत अमर्यादित थी जिसमें सूर्या, सरन के खिलाफ गंदी भाषा का इस्तेमाल कर रहे थे। पार्टी की महिला पदाधिकारियों ने सूर्या के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और इस मामले को अन्नामलाई और भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष वनथी श्रीनिवासन के साथ उठाया। हालांकि, अन्नामलाई चुप रहे और सूर्या के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई।

गायत्री रघुरामन ने सोशल मीडिया पर सूर्या शिवा की खिंचाई की, उनकी तुलना एक 'लकड़बग्घे' से की और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। गायत्री ने एक ट्वीट में कहा, उन्होंने (अन्नामलाई) महिलाओं के खिलाफ बुरा बोलने वालों की जीभ काटने का वादा किया था। ऐसे में क्या पार्टी की महिला पदाधिकारी पर हमला करना सही है? इन लकड़बग्घों को राज्य स्तरीय पोस्टिंग देना बड़ी भूल है।

रघुरामन के खिलाफ कार्रवाई की पार्टी में कई महिला नेताओं ने निजी तौर पर नाराजगी व्यक्त की है। भाजपा की एक महिला नेता ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, अन्नामलाई को लगता है कि वह कुछ भी करके बच सकते हैं, लेकिन इस तरीके से पार्टी को नहीं चलाया जाना चाहिए। भाजपा महिला नेता असहज हैं और हम इसकी शिकायत पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नड्डा से करेंगे। गायत्री ने कोई गलत काम नहीं किया है बल्कि सरन के खिलाफ ओबीसी मोर्चा के नेता सूर्या द्वारा इस्तेमाल की गई गंदी भाषा के खिलाफ हस्तक्षेप किया है।
 

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