हिरणों को चीतों का ग्रास बनाने के विरुद्ध माकपा कल विरोध प्रदर्शन करेगी

 
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श्रीगंगानगर। प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर करोड़ों रुपये खर्च कर अफ़्रीकी चीतों को भारत लाए जाने और भारतीय मूल के वन्य जीवों चीतल (हिरणों) आदि को चीतों के आगे भोजन के रूप में परोसे जाने का माकपा ने कड़े शब्दों में निंदा की है।
राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में माकपा इसके विरोध में मंगलवार को अनेक स्थानों पर प्रदर्शन करेगी।
माकपा के जिला सचिव श्योपतराम मेघवाल ने प्रधानमंत्री मोदी पर जन्मदिन को इवेंट मेनेजमेंट में बदल पार्टी का प्रचार करने, जनभावनाओं को आहत करने और प्रकृति को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाते हुए कहा कि भारतीय मूल के वन्य जीवों की सुरक्षा का प्रावधान करने की बजाय नामीबिया से चीतों को भारत लाकर वनस्पति के लिए उपयोगी हिरणों को शिकार बनाया जा रहा है, जो बिश्नोई समाज एवं वन्यजीव प्रेमियों की भावना आहत करने वाला तथा प्रकृति को नुकसान पहुंचाने वाला निर्णय है।
उन्होंने कहा कि मोदी जन्मदिन पर युवाओं के लिए रोजगार का तौहफा भी दे सकते थे लेकिन उन्हें हमेशा की तरह इवेंट मैनेज करने के सिवा कुछ नहीं करना होता। श्योपत मेघवाल ने कहा कि हथनी की मौत पर मातम मनाने वाले देश में सैकड़ों हिरणों के शिकार को सहन कैसे किया जा सकता। वहीं दूसरी तरफ गायों में व्याप्त लंपी को महामारी घोषित कर गायों के ईलाज के लिए विशेष पैकेज का ऐलान किया जाना मोदी के जन्मदिन को शोभाजनक बना सकता था। ऐसा नहीं करके मोदी सरकार को अफ़्रीकी चीतों की चिंता है,जो बेहद निंदाजनक है।
मार्क्सवादी पार्टी इस निर्णय की कड़े शब्दों में निन्दा की है।इसके विरोध में कल पूरे जिले भर के तहसील मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन कर राष्ट्रपति महोदय को ज्ञापन सौंपा जाएगा।

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