राजस्थान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सोनिया गांधी संग दो घंटे चली बैठक

 
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नई दिल्ली। दिल्ली में सोनिया गांधी से दो घंटे की चली मुलाकात खत्म हो गई है। गहलोत 10 जनपथ से निकल गए हैं और अब मुंबई पहुंचेंगे और उसके बाद वह 22 सितंबर को कोच्चि जाएंगे, वहां वह राहुल गांधी से मुलाकात करेंगे और प्रतीकात्मक रूप से यात्रा में शामिल होंगे। कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए अशोक गहलोत नामांकन भर सकते हैं, इसी बीच यह बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

इसके साथ ही अशोक गहलोत आखिरी बार राहुल को अध्यक्ष पद के लिए अपना नामांकन दाखिल करने के लिए मनाने की कोशिश कर सकते हैं, जिसका जिक्र वह कई बार कर चुके हैं।

इससे पहले उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के सम्मान में सीएम हाउस में सभी विधायकों का रात्रि भोज हुआ। रात्रि भोज के बाद कांग्रेस विधायक दल की बैठक हुई। वहीं बैठक में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने संकेत दिया है कि वह पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए अपना नामांकन दाखिल करेंगे।

बैठक को संबोधित करते हुए राजस्थान के सीएम ने कहा, मैं आखिरी बार राहुल गांधी को समझाने की कोशिश करूंगा, अगर वह नहीं माने तो मैं आपको परेशान करूंगा और आलाकमान के आदेश का पालन करूंगा।

उनके इस ऐलान के तुरंत बाद कई विधायक उनसे यहीं रुकने की गुजारिश करते दिखे।

उनका जवाब देते हुए गहलोत ने कहा, मैं जो भी बन जाऊं, लेकिन आपसे दूर नहीं रहूंगा, मैं आखिरी सांस तक राजस्थान की सेवा करूंगा।

वास्तव में, उन्होंने यह भी संकेत दिया कि, वह सीएम के रूप में बने रहेंगे क्योंकि उन्होंने विधायकों से बजट के लिए काम करना शुरू करने के लिए कहा है।

सोमवार रात को सीएलपी की बैठक बिना किसी पूर्व नियोजित योजना के तत्काल बुलाई गई थी। विधानसभा का सत्र चल रहा है। आमतौर पर ऐसी बैठकें सत्र शुरू होने से पहले बुलाई जाती हैं, हालांकि इस बार बैठक दो दिन बाद बुलाई गई।

इससे पहले 17 सितंबर को पीसीसी के नवनियुक्त सदस्यों की बैठक में गहलोत ने राहुल गांधी को अध्यक्ष बनाने का विचार उठाया था। सभी नेताओं ने उनके प्रस्ताव का समर्थन किया था।

 

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