फेसबुक, ह्वाट्सऐप और टेलीग्राम जैसे ऐप भी नए दूरसंचार विधेयक का हिस्सा, साइबर फ्रॉड को रोकने के हैं कई प्रावधान

 
फेसबुक, ह्वाट्सऐप और टेलीग्राम जैसे ऐप भी नए दूरसंचार विधेयक का हिस्सा
नई दिल्ली। केंद्रीय सूचना और तकनीक मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि भारत के पास टेलीकॉम सेक्टर का नेतृत्व करने की काबिलियत है। उन्होंने कहा कि भारतीय दूरसंचार विधेयक-2022 में साइबर फ्रॉड को रोकने के कई प्रावधान किए गए हैं। फेसबुक, ह्वाट्सऐप और टेलीग्राम जैसे ऐप्स को इसमें शामिल किया गया है। स्पेक्ट्रम दूरसंचार सेवाओं का मूल रॉ मटेरियल है। यदि हमें भारत को दूरसंचार प्रौद्योगिकी में एक महत्वपूर्ण शक्ति बनाना है, तो हमारे पास एक ऐसा ढांचा होना चाहिए जो स्पेक्ट्रम के कुशल और बहुत प्रभावी उपयोग की अनुमति दे। उन्होंने कहा कि नया दूरसंचार विधेयक अगले 6-10 महीने के भीतर संसद में पेश होगा।

अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को एक कार्यक्रम में कहा कि हमारा केंद्र बिंदु स्पेक्ट्रम के प्रभावी उपयोग पर है। भारतीय दूरसंचार विधेयक 2022 में इसे क़ानूनी समर्थन दिया गया है। मौजूदा नियमों और विनियमों को जारी रखने के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुधार लाए गए हैं। उन्होंने कहा कि नियामक सैंडबॉक्स, नवाचार और अनुसंधान एवं विकास को बढ़ावा देने के लिए विशेष नियमों और शर्तों का एक सेट इस विधयेक में शामिल किया गया है। यह दूरसंचार प्रौद्योगिकियों के विकास की सुविधा प्रदान करेगा और स्टार्टअप इकोसिस्टम को सशक्त बनाएगा।

इससे पहले दूरसंचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारतीय दूरसंचार विधेयक-2022 के मसौदा को लेकर यहां आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में इसकी विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि फेसबुक, ह्वाट्सऐप और टेलीग्राम जैसे ऐप्स को इस भी विधेयक में शामिल किया जाएगा। अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इसमें ओटीटी प्लेटफॉर्म को भी शामिल किया जाएगा, जिन्हें कई बार उन पर परोसे जाने वाले कंटेंट को लेकर चेताया जा चुका है। नए दूरसंचार विधेयक के अंतिम रूप से क्रियान्वयन की समय-सीमा के बारे में संचार मंत्री ने कहा कि विचार-विमर्श की प्रक्रिया के बाद अंतिम मसौदा तैयार करेंगे, जो संबंधित संसदीय समिति के समक्ष जाएगा। इसके बाद इसे संसद में लाया जाएगा। मेरे ख्याल से इसमें छह से दस महीने का वक्त लगेगा लेकिन हम किसी तरह की जल्दबाजी में नहीं हैं।

उल्लेखनीय है कि दूरसंचार विभाग (डॉट) ने भारतीय दूरसंचार विधयेक 2022 के मसौदा के लिए 20 अक्टूबर, 2022 की समय-सीमा तय की है। यह विधेयक तीन कानूनों भारतीय तार अधिनियम 1885, भारतीय बेतार तार यांत्रिकी अधिनियम 1933 और तार यंत्र संबंधी (विधि विरुद्ध कब्जा) अधिनियम 1950 का स्थान लेगा। डॉट ने इसको लेकर एक सार्वजनिक परामर्श प्रक्रिया भी शुरू की है। इस मसौदा विधेयक को https://dot.gov.in पर जारी किया गया है। भारतीय दूरसंचार विधेयक, 2022 के मसौदे पर अपनी टिप्पणियों को कोई भी ई-मेल आईडी Naveen.kumar71@gov.in पर भेज सकता है।

From around the web