देश की आर्थिक विकास दर वित्त वर्ष 2021-22 में 8.7 फीसदी रही

 
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नई दिल्ली। रूस-यूक्रेन जंग के बीच देश की आर्थिक वृद्धि दर में गिरावट देखने को मिली है। वित्त वर्ष 2021-22 की (जनवरी-मार्च) चौथी तिमाही में भारत की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर 4.1 फीसदी रही है। पूरे वित्त वर्ष 2021-22 में देश की जीडीपी ग्रोथ यानी आर्थिक वृद्धि दर 8.7 फीसदी रही है, जबकि इससे पूर्व वित्त वर्ष में जीडीपी ग्रोथ में 6.6 फीसदी की गिरावट आई थी।

राष्ट्रीय सांख्यिकीय कार्यालय (एनएसओ) ने मंगलवार को जारी आंकड़ों में यह जानकारी दी कि वित्त वर्ष 2021-22 की चौथी तिमाही में वैश्विक सप्लाई और उच्च लागत की वजह से ग्रोथ रेट कम रही है। एनएसओ के जारी आंकड़ों के अनुसार जनवरी-मार्च की तिमाही में देश की जीडीपी में 4.1 फीसदी की दर से बढ़ोत्तरी हुई है, जबकि तीसरी तिमाही में यह दर 5.4 फीसदी रही थी। इससे पहले बीते वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर 8.5 फीसदी रही थी, जबकि पहली तिमाही में यह 20.3 फीसदी रही थी। एनएसओ ने वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान देश की जीडीपी वृद्धि दर 8.9 फीसदी रहने का अनुमान जताया था।

हालांकि, इससे पहले रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने विकास दर का पूर्वानुमान 7.8 फीसदी से घटाकर 7.2 फीसदी कर दिया था। विश्व बैंक ने भारत की जीडीपी 8 फीसदी रहने का अनुमान लगाया था, जबकि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने 8.2 फीसदी और एशियाई विकास बैंक ने 7.5 फीसदी विकास दर का अनुमान जताया था। इससे बावजूद वित्त वर्ष 2021-22 में जीडीपी वृद्धि दर 8.7 फीसदी रही, जबकि वित्त वर्ष 2020-21 में इसमें 6.6 फीसदी की गिरावट आई थी।

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