बसपा सांसद अतुल राय दुष्कर्म के आरोप से बरी

 
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आजमगढ़। मऊ जिले के घोसी लोकसभा से बसपा सांसद अतुल राय को दुष्कर्म के तीन साल पुराने मुकदमें में सुनवाई पूरी होने के बाद वाराणसी की एमपी एमएलए कोर्ट ने बरी कर दिया है। कोर्ट के विशेष न्यायाधीश सियाराम चौरसिया की अदालत ने शनिवार को यह फैसला सुनाया। इस मामले में सांसद ढ़ाई साल से जेल में बंद हैं।बता दें कि अतुल के खिलाफ बलिया की रहने वाली पीड़िता ने 1 मई 2019 को लंका थाने में दर्ज मुकदमा दर्ज कराया था। पीड़िता का आरोप था कि वाराणसी में पढ़ाई के दौरान अतुल राय से उसका परिचय हुआ। मार्च 2018 में अतुल उसे अपनी पत्नी से मिलवाने के बहाने चितईपुर स्थित फ्लैट में ले गए लेेकिन वहां कोई नहीं था। सांसद ने उसके साथ दुष्कर्म किया और फोटों खींचने के साथ वीडियो भी बना ली। इसके बाद अतुल राय उसे ब्लैकमेल कर रेप करने लगे। विरोध करने पर अतुल राय उसे जान से मारने के साथ ही पूरे परिवार को बर्बाद करने की धमकी देने लगे। मुकदमा दर्ज होने के बाद अतुल राय फरार हो गए। पुलिस का दबाव बढ़ा तो उन्होंने 22 जून 2019 को वाराणसी की कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। तब से वह जेल में ही हैं। मौजूदा समय में वह प्रयागराज की नैनी सेंट्रल जेल में बंद हैं।

गाजीपुर जिले के बीरपुर गांव के रहने वाले अतुल राय वाराणसी के मंडुवाडीह थाने के हिस्ट्रीशीटर हैं। अतुल राय के खिलाफ साल 2009 से लेकर अब तक 27 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। इन्हें माफिया मुख्तार अंसारी का भी करीबी माना जाता है। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में अतुल राय को बसपा ने घोसी संसदीय सीट से उम्मीदवार बनाया था और वे चुनाव जीतकर देश की सबसे बड़ी पंचायत पहुंच गए थे। अतुल राय पर दुष्कर्म का मामला काफी तूल पकड़ा था। पीड़िता ने न्याय न मिलने का आरोप लगाते हुए गवाह के साथ सर्वोच्च न्यायालय के समाने आत्महत्या का प्रयास भी किया था।अब इस मामले में वाराणसी की एमपी एमएलए कोर्ट ने अतुल राय को बरी कर दिया है। अतुल राय के वकील अनुज यादव ने बताया कि अदालत में सुनवाई के दौरान अतुल राय पर दोष सिद्ध नहीं हुआ है। कोर्ट ने इस मामले में उन्हें बरी कर दिया है। कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद अतुल राय को जेल से रिहा कर दिया जाएगा।

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