त्रिपुरा के मुख्यमंत्री पद से बिप्लब कुमार देब ने दिया इस्तीफा, विधायक दल में होगा नये नेता का चुनाव

 
ं

अगरतला। त्रिपुरा की पहली भाजपानीत सरकार के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब ने सभी को आश्चर्यचकित करते हुए शनिवार को राज्यपाल एसएन आर्य को अपना इस्तीफा सौंप दिया। देब ने यह घोषणा राजभवन में राज्यपाल से मुलाकात के बाद की। बिप्लब कुमार देव भाजपा त्रिपुरा के प्रभारी सांसद बिनोद सोनकर, केंद्रीय नेता अजय जामवाल, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सांसद डॉ. माणिक साहा और केंद्रीय मंत्री प्रतिमा भौमिक के साथ राज भवन में गए और राज्यपाल को अपना त्याग पत्र सौंपा।

देब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से गुरुवार को नई दिल्ली में मुलाकात कर त्रिपुरा में प्रदेश भाजपा की संगठनात्मक स्थिति पर चर्चा की। दिल्ली से लौटने के बाद आज उन्होंने अचानक यह कदम उठाया, जिसकी किसी को कल्पना नहीं थी। माना जा रहा है कि उन्होंने दिल्ली में केंद्रीय नेतृत्व के साथ बातचीत के बाद यह कदम उठाया है।

2018 में मुख्यमंत्री के रूप में पदभार संभालने वाले देब को लेकर अक्सर विवाद होते रहे हैं। पिछले एक साल में उनके इस्तीफे की कई अफवाहें सामने आईं। हालांकि, उन्होंने अब दिल्ली से लौटने के बाद आधिकारिक तौर पर आज इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे की वजह को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है लेकिन अफवाह है कि पार्टी के भीतर मुख्यमंत्री पद का एक और दावेदार सामने आया है।

भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व त्रिपुरा में अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले अपनी पार्टी की स्थिति को मजबूत करने के लिए नेतृत्व बदलने के मुद्दे पर भी करीबी नजर रखे हुए है। सूत्रों के अनुसार शनिवार को पार्टी विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से त्रिपुरा में पार्टी के नए मुख्यमंत्री का चुनाव कर लिया जाएगा।

हालांकि, बिप्लव देब के इस्तीफा देने के पीछे की कहानी को लेकर लोगों के बीच उत्सुकता बढ़ गयी है। बताया जा रहा है कि राज्य में आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पार्टी के अंदर जारी खींचतान को समाप्त करना तथा अन्य पार्टियों से विभिन्न मुद्दों पर मिल रही चुनौती को सीधे तौर पर समाप्त करना है।

From around the web