बिश्नोई समाज का धरना जारी, कहा- 'चीतल-हिरणों को नहीं, चीतों के सामने हमें परोस दो'

 
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हरियाणा। फतेहाबाद में बिश्नोई समाज के लोगों का धरना दूसरे दिन भी जारी है। ये लोग मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में 8 चीतों के सामने चीतल-हिरणों को आहार के रूप में डालने के विरोध कर रहे हैं। मंगलवार को दूसरे दिन के धरने में लोगों की संख्या पिछले दिन के मुकाबले और ज्यादा दिखी। बिश्नोई समाज और जीव प्रेमी लोगों ने कहा कि हम चीतल-हिरणों को चीतों का आहार नहीं बनने देंगे। 'चीतल-हिरणों को नहीं, चीतों के सामने हमें परोस दो'। उन्होंने कहा जब तक सरकार फैसला वापस नहीं लेती, तब तक हम यहां धरने पर बैठे रहेंगे।

दरअसल नामीबिया से भारत के कूनो नेशनल पार्क में लाए गए चीतों के भोजन के लिए राजस्थान के क्षेत्रों से हिरण व चीतल भेजे जाने की चर्चाओं के साथ ही बिश्नोई समाज में रोष फैलने लगा है। दो दिनों से बिश्नोई समाज के लोग इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया जता रहे हैं। फतेहाबाद जिले के एक युवक ने घटना के खिलाफ आत्महत्या करने की चेतावनी तक दे डाली है। इसी बीच भाजपा नेता कुलदीप बिश्नोई ने भी ट्वीट करके मामले की जांच करवाने व ऐसा पाए जाने पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है।

बिश्नोई समाज वन्य जीवों व पेड़-पौधों की रक्षा के लिए जाना जाता है। ऐसे में चीतों के भोजन के लिए वन्य जीव हिरणों व चीतलों को भेजे जाने पर समाज में प्रतिक्रिया होना स्वाभाविक है। दो दिन से यह मामला सोशल मीडिया की सुर्खियां बना हुआ है। अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा के अध्यक्ष देवेन्द्र बुडिय़ा ने इस संबंध में प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर चीतों का पेट भरने के लिए हिरण व चीतल परोसने का आदेश निरस्त करने का अनुरोध किया है। उन्होंने इस फैसले को अवैज्ञानिक व संवेदनहीन करार दिया है।

समाज में लगातार हो रही प्रतिक्रिया के बीच पूर्व विधायक कुलदीप बिश्नोई ने भी ट्वीट करके प्रधानमंत्री से इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने अपने ट्वीट में कहा है कि चीतों के भोजन हेतु चीतल व हिरण भेजने की सूचनाएं आ रही है, जो अति निंदनीय है। मेरा केन्द्र सरकार से अनुरोध है कि राजस्थान में विलुप्त होने की कगार पर पहुंचे हिरणों की प्रजाति व बिश्नोई समाज की भावनाओं को देखते हुए इस मामले की जांच करवाई जाए और यदि ऐसा है तो इस पर तुरंत रोक लगाई जाए

फतेहाबाद जिले के काजल हेडी गांव निवासी युवक रोहित ने घटना के विरोध में आत्मदाह करने का ऐलान किया है। रोहित ने अपने को भाजपा का समर्पित कार्यकर्ता बताया है लेकिन उसका कहना है कि चीतों का पेट भरने के लिए हिरण व चीतल भेजा जाना धर्म विरूद्ध कार्य है, इसलिए वह 25 सितम्बर को हवन करके पवित्र पाहल लेकर आत्मदाह करेगा।

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