दिल्ली की आयुषी यादव हत्याकांड: मां बाप निकले हत्यारोपित, ट्रॉली बैग में रखी थी बेटी की लाश, पढ़ें क्या था पूरा मामला

 
दिल्ली की आयुषी यादव हत्याकांड: मां बाप निकले हत्यारोपित, गिरफ्तार

मथुरा। थाना राया क्षेत्र के यमुना एक्सप्रेस-वे के सर्विस रोड पर कृषि अनुसंधान केंद्र के पास झाड़ियों में ट्रॉली बैग में मिले युवती के शव की पुलिस ने शिनाख्त करते हुए हत्या आरोपित मां-बाप को मथुरा पुलिस ने हिरासत में लेकर सोमवार शाम खुलासा कर दिया। लड़की अपने कॉलेज में पढ़ने वाले लड़के से प्यार करती थी और दोनों ने एक साल पहले आर्यसमाज मंदिर में शादी कर ली थी। इससे कुपित होकर पिता ने अपनी रिवाल्वर से उसको गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया था, जिसमें मां ने मदद की थी।

पुलिस लाइन स्थित सभागार में सोमवार शाम चार बजे पहुंचे एसएसपी कार्यवाहक एवं पुलिस अधीक्षक नगर मार्तण्ड प्रकाश सिंह ने बताया कि 18 नवंबर की सुबह यमुना एक्सप्रेस की सर्विस रोड पर कृषि अनुसंधान केंद्र के पास झाड़ियों में ट्रॉली बैग मिला था, जिसमें युवती की लाश थी। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस महकमें में हड़कंप मच गया था क्योंकि पुलिस के पास ऐसा कोई सबूत नहीं था जिससे उसकी पहचान हो सके। पुलिस पहले मृतका की पहचान कराने में लगी। इस दौरान पुलिस ने करीब 250 से अधिक सीसीटीवी कैमरे खंगाले। सीमावर्ती जनपदों व प्रदेशों में पहचान कराने के उद्देश्य से शव के फोटो समाचार पत्रों बस स्टैण्ड, रेलवे स्टेशन, गाड़ियों पर चस्पा किए और सोशल मीडिया का भी सहारा लिया गया। पुलिस ने लखनऊ, दिल्ली, कानपुर, आगरा, हाथरस, भरतपुर, जयपुर, नोएडा, गाजियाबाद आदि जगहों पर गुम हुई 20-22 वर्षीय लड़कियों के बारे में जानकारी प्राप्त की।

राया पुलिस को उस वक्त सफलता हाथ लगी जब पुलिस बदरपुर दिल्ली पहुंचकर अज्ञात शव की फोटो दिखाकर जानकारी कर रही थी तब उन्हें मृतका की पहचान आयुषी पुत्री नितेष यादव निवासी गली नं.65 बदरपुर मोड़ बंद एक्सटेंशन थाना बदरपुर दिल्ली के रूप में हुई। पुलिस को यह भी मालूम पड़ा कि आयुषी की हत्या उसी के परिजनों ने की है। पुलिस मृतका के घर पहुंची और यहां मृतका की माता बृजवाला, पिता नितेष यादव व उसका भाई आयुष को लेकर मथुरा आए।

थाना राया के प्रभारी निरीक्षक ओम हरि वाजपेयी, एसआई विनय कुमार और एक सिपाही के साथ केवल मां बृजबाला और भाई आयुष को पोस्टमार्टम गृह पर लाया गया, जिन्होंने इसकी शिनाख्त की। पिता ने बताया कि उनकी बेटी बीसीए की छात्रा दिल्ली ग्लोबल इंस्टीट्यूट ऑफ टैक्नोलॉजी में पढ़ती थी। उसका यहां साथ में पढ़ने वाले छत्रपाल, जो कि मूल रूप से भरतपुर का रहने वाला है, से इश्क हो गया और दोनों ने करीब एक साल पहले शादी भी कर ली, लेकिन आयुषी अपने घर में ही रहती थी। बीच-बीच में वह लड़के के पास चली जाती थी, इसका परिजन विरोध करते थे।

15 नवम्बर को वह घर से चली गई और 17 नवम्बर को वापस लौटी तो पिता से उसकी कहासुनी हो गई और पिता ने उसकी गोलीमार कर हत्या कर दी। हत्या के बाद 17 घंटे तक शव को घर में ही रखा गया। 18 नवम्बर को रात्रि अपनी फोर्ड फिस्टा कार में शव को ट्रॉली बैग में रखकर गाड़ी में रखा। जिसे स्वयं नितेष यादव कार चला रहा था। उसकी पत्नी बृजवाला भी साथ थी। 18 नवम्बर की सुबह करीब 6.30 बजे सर्विस रोड कृषि अनुसंधान केन्द्र की सड़क पर झाड़ियों में फेंक कर यमुना एक्सप्रेस वे से होकर अपने घर दिल्ली पहुंच गए।

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