ईडी ने शिवसेना सांसद संजय राउत को किया गिरफ्तार, सुबह ही पहुँच गयी थी घर !

 
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मुंबई,| प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रविवार शाम यहां पात्रा चाल भूमि घोटाले में कथित धनशोधन मामले में शिवसेना सांसद संजय राउत को हिरासत में लिया । आगे की कार्रवाई के लिए उन्हें ईडी कार्यालय ले जाने से पहले कई घंटों तक पूछताछ की गई। जैसे ही राउत को उनके 'मैत्री' बंगले से बाहर निकाला गया, बाहर इंतजार कर रहे उनके सैकड़ों समर्थक वहां पहुंच गए और भगवा झंडा लहराने लगे, जबकि उनकी पत्नी वर्षा, मां और परिवार के अन्य सदस्य उदास नजर आए। देर रात 12 बजे ईडी ने राऊत की गिरफ्तारी करने की घोषणा कर दी ,उन्हें सोमवार को अदालत में पेश किया जाएगा। 

राउत ने एक निजी समाचार चैनल को फोन पर बताया कि वह ईडी के साथ पूरी तरह से सहयोग कर रहे हैं और शिवसेना को खत्म करने के लिए सुनियोजित राजनीतिक साजिश के आगे नहीं झुकेंगे।

उन्होंने कहा, "मैं डरा नहीं हूं.. कानून से असहयोग का सवाल ही नहीं है, मैं शिवसेना के लिए खुद को कुर्बान करने को तैयार हूं। ईडी की टीम बिना कोई नोटिस दिए सुबह-सुबह आ गई, इस तथाकथित मामले में मेरे पास से कोई कागजात नहीं मिला।"

उन्होंने दोहराया कि महा विकास अघाड़ी सरकार (जो 29 जून को गिर गई) को गिराने में मदद करने के लिए उन पर अतीत में दबाव डाला जा रहा था और उन्होंने अपने खिलाफ ईडी के आरोपों को झूठा करार दिया। उन्होंने कहा कि वो किसी के सामने नहीं झुकेंगे, लेकिन भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।

राउत ने कहा कि उन्होंने ईडी से समय मांगा था, क्योंकि वह आगामी उप-राष्ट्रपति चुनाव में व्यस्त हैं, जिसके लिए वह विभिन्न विपक्षी दलों के साथ समन्वय कर रहे हैं।

राउत ने कहा, "पार्टी मेरे पीछे है। उद्धव ठाकरे मेरा समर्थन कर रहे हैं। हम ऐसे दबावों के सामने आत्मसमर्पण नहीं करेंगे, जिसका मकसद हमें चुप कराना और शिवसेना को खत्म करना है।"

सांसद के भाई विधायक सुनील राउत ने एक निजी समाचार चैनल को बताया कि ईडी पात्रा चॉल मामले से संबंधित कुछ दस्तावेजों का पता नहीं लगा सकी, जिसके कारण संजय राउत को हिरासत में लिया गया और उन्हें ईडी कार्यालय ले जाया गया।

ईडी की कार्रवाई रविवार को सुबह राउत के भांडुप आवास, 'मैत्री' पर धावा बोलने के बाद हुई और 9 घंटे से अधिक समय तक तलाशी ली गई।

राउत को दो समन भेजे जाने के बाद ईडी की टीम उनके घर पहुंची। राउत ने 7 अगस्त तक का समय मांगा था, क्योंकि वह संसद से संबंधित कार्य में व्यस्त थे।

हिरासत की खबर सुनकर सैकड़ों शिवसैनिकों ने बाहर आकर विरोध प्रदर्शन किया, नारे लगाए और राउत को हिरासत में लेने की निंदा की।

ईडी का यह कदम शिवसेना के 16 बागी विधायकों की अयोग्यता से संबंधित सुप्रीम कोर्ट के समक्ष महत्वपूर्ण सुनवाई से एक दिन पहले आया है।

सरकार ने किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए मुंबई पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल द्वारा कड़ी सुरक्षा तैनात की थी।

ईडी ने इनसे पहले डीएचएफएल यस बैंक मामले में पुणे के व्यवसायी अविनाश भोसले से हिरासत में पूछताछ की थी और सूत्रों ने दावा किया था कि वे इस मामले में भी राउत से पूछताछ करना चाहते थे।

सूत्रों ने कहा कि ईडी का पात्रा चॉल मामला भी डीएचएफएल मामले से जुड़ा है।

राउत ने पहले ट्विटर पर आरोप लगाया कि केंद्र के निर्देश पर उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है।

ईडी ने अप्रैल में भूमि घोटाले के सिलसिले में राउत की संपत्ति कुर्क की थी।

ईडी ने राउत के सहयोगी प्रवीण राउत की 9 करोड़ रुपये की संपत्ति और संजय राउत की पत्नी वर्षा राउत की 2 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की थी।

प्रवीण के पास अलीबाग में आठ लैंड पार्सल और वर्षा राउत के नाम पर पंजीकृत एक फ्लैट था, जिसे कुर्क किया गया है। ईडी ने इस मामले में प्रवीण को गिरफ्तार किया था।

ईडी के एक अधिकारी ने कहा, "हमने मामले में एचडीआईएल के प्रवीण, सारंग वधावन और राकेश वधावन और गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन और अन्य के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था।"

ईडी को जांच के दौरान पता चला कि प्रवीण ने वर्षा को कथित तौर पर 55 लाख रुपये का भुगतान किया था। यह भुगतान प्रवीण की पत्नी के बैंक खाते से किया गया था।
 

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