हर परिवार से एक सदस्य को रोजगार देगी सरकार: योगी

 
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गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कहा कि उनकी सरकार राज्य में हर परिवार के कम से कम एक सदस्य को नौकरी या रोजगार से जोड़ना सुनिश्चित करने जा रही है।

मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित वृहद रोजगार मेला एवं सेवायोजित प्रशिक्षणार्थियों के नियुक्ति पत्र वितरण समारोह को संबोधित करते हुये उन्होने कहा कि इसके लिए प्रदेश में सभी परिवारों के सभी सदस्यों की स्किल मैपिंग का अभियान शुरू होने जा रहा है। स्किल मैपिंग के बाद आवश्यकतानुसार प्रशिक्षण देकर वंचित लोगों को रोजगार या स्वरोजगार से जोड़ा जाएगा। सरकार का संकल्प है कि प्रदेश में कोई भी परिवार रोजगार से वंचित नहीं रहेगा।

उन्होने कहा कि स्किल मैपिंग के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि कितने परिवार में सदस्य नौकरी से जुड़े हैं या सरकार की योजनाओं का लाभ लेकर रोजगार कर रहे हैं। इसमें जो भी वंचित मिलेंगे,, उनका डाटा तैयार किया जाएगा। एक बार डाटा आते ही बचे परिवारों को विशेष कार्यक्रम से जोड़कर कम से कम उनके एक सदस्य को नौकरी व रोजगार मुहैया कराया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2014 में देश की बागडोर संभालने के बाद युवाओं, उद्यमियों, हस्तशिल्पियों व कारीगरों के ऊर्जा व हुनर को पहचान देने के लिए कई कार्यक्रम शुरू किए। स्किल इंडिया, स्टार्टअप, स्टैंडअप, मेक इन इंडिया, मुद्रा आदि योजनाओं के क्रियान्वयन से युवाओं को पहली बार लगा कि सरकार उनके बारे में भी सोचती है। वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार आने के साथ ही डबल इंजन की सरकार ने केंद्र व राज्य की रोजगारपरक योजनाओं को तेजी से बढ़ाया है।

योगी ने कहा कि पीएम मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार ने बीते 5 साल में 5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी है। 1.61 करोड़ युवाओं को एमएसएमई व उद्यमों में रोजगार से जोड़ा गया है। 60 लाख हस्तशिल्पियों व कारीगरों को स्वतः रोजगार के लिए बैंकों से अनुदानित लोन उपलब्ध कराया गया है। इन सबका परिणाम पूरे देश के सामने है। वर्ष 2015-16 में यूपी में बेरोजगारी दर 18 फीसद से अधिक थी। कोरोनाकाल की चुनौती के बावजूद जबकि 40 लाख प्रवासी कामगार व श्रमिक यूपी लौटे, बेरोजगारी दर करीब 16 फीसद घटकर अब महज 2.7 फीसद पर है। इस उपलब्धि में सरकार के प्रयासों के साथ युवाओं, उद्यमियों व कारीगरों की ऊर्जा व हुनर का महत्वपूर्ण योगदान है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की मंशा देश की अर्थव्यवस्था को 5 ट्रिलियन डॉलर तक ले जाने की है। इस लक्ष्य में अपना योगदान देने के लिए उत्तर प्रदेश ने अपनी अर्थव्यवस्था 1 ट्रिलियन डॉलर तक ले जाना तय किया है। इस दिशा में उद्यमियों, कारीगरों, युवाओं के बल पर हमने तेजी से कदम भी बढ़ा दिए हैं। वर्ष 2016 में उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था देश में छठवें स्थान पर थी, आज यह देश में दूसरे पायदान पर है। बीते 5 साल में उत्तर प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय व जीडीपी दोगुनी हो चुकी है।

उन्होने कहा कि डबल इंजन की सरकार हरे क्षेत्र में तेजी से कार्य करते हुए सभी लोगों को आर्थिक स्वावलंबन का रास्ता दिखा रही है। केंद्र की अनेक योजनाओं के साथ ही राज्य में मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, एक जिला एक उत्पाद योजना, विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना से जुड़कर युवा, कारीगर व शिल्पी स्वावलंबन के पथ पर आगे बढ़ रहे हैं।

कार्यक्रम में मौजूद युवाओं में जोश भरते हुए उन्होने कहा कि उत्तर प्रदेश में डबल इंजन की सरकार बनाने में युवाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। युवाओं की उम्मीद के मुताबिक सरकार ने ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी- 3 में 80 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतारे हैं। इससे 20 लाख लोगों की नौकरी की संभावना को आगे बढ़ाया गया है। इसी क्रम में पिछले दिनों एमएसएमई विभाग ने 1.90 लाख लोगों को बैंकों से जोड़कर उन्हें रोजगार हेतु ऋण दिलाया।

मुख्यमंत्री ने युवाओं को कुछ नया करने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि नवाचार आज समय की मांग है। हमें क्षेत्र विशेष की आवश्यकता अनुसार जुड़ना होगा उसके अनुरूप कार्य योजना बनानी होगी। इस अवसर पर मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के छात्रों द्वारा बनाए गए ड्रोन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 20 किलो का यह ड्रोन एक एकड़ खेत में सात मिनट में दवाओं का छिड़काव कर सकता है। जबकि मैनुअली इस काम को करने में किसान को एक दिन लग जाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस ड्रोन के लिए वह कृषि विभाग को इस प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के साथ एमओयू करने के लिए निर्देशित करेंगे। इससे खेती के काम में आसानी होगी और युवाओं के हुनर को नई पहचान व रोजगार से जोड़ा जाएगा।

सीएम योगी ने कहा कि अवसरों की कोई कमी नहीं है, बस युवा खुद को तैयार करें। विपत्ति में धैर्य खोने की आवश्यकता नहीं है। इच्छा शक्ति से खुद को स्किल डेवलपमेंट से जोड़ें। सरकार भी राष्ट्रीय शिक्षा नीति के परिप्रेक्ष्य में ऐसे पाठ्यक्रम तैयार कर रही है।

सीएम ने बताया कि युवाओं को तकनीकी रूप से दक्ष बनाने के लिए मुख्यमंत्री अप्रेंटिसशिप योजना लाई गई है। इसमें अंतिम वर्ष के छात्रों को इंडस्ट्री से जोड़कर उनके हुनर को और निखारा जाएगा। इस कार्य में कुछ पैसा सरकार देगी और कुछ इंडस्ट्री। युवा पढ़ाई के साथ-साथ अपने प्रोजेक्ट को भी आगे बढ़ा सकेंगे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि प्रदेश के 100 आकांक्षात्मक ब्लॉकों में एक-एक नौजवान को मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना से जोड़ा जा रहा है। इसके तहत चयनित नौजवान को मानदेय, टैबलेट व आवासीय सुविधा प्राप्त होगी। वह नौजवान विजिट कर ब्लॉक की प्रगति की जानकारी उपलब्ध कराएगा। 100 ब्लॉकों के बाद इस योजना को 100 नगर निकायों में भी शुरू किया जाएगा। वृहद रोजगार मेले के आयोजन की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि इस तरह के मेले हर जिले में होने चाहिए।

इस अवसर पर सीएम योगी ने सभी लोगों को आजादी का अमृत महोत्सव अभियान से जुड़ने की अपील करते हुए कहा कि 13 से 15 अगस्त के बीच हर घर कौन से तिरंगा फहराएं। उन्होंने कहा कि तिरंगा हमारी राष्ट्रीयता की आन, बान मान का प्रतीक होने के साथ ही शहीदों के प्रति सम्मान का भाव भी जागृत करता है।

वृहद रोजगार मेले में व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिलदेव अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश अनेक क्षेत्रों की भांति रोजगार देने में भी नंबर वन है। यह इसलिए संभव हो सका है कि योगीजी बेहद संवेदनशील हैं और सबकी चिंता करते हैं। उन्होंने कहा कि हमारे पीएम व सीएम की मंशा है कि युवा नौकरी मांगने वाले की बजाय नौकरी देने वाला बनें। उन्होंने कहा कि उनका विभाग सोलर सेक्टर व एविएशन सेक्टर में भी युवाओं को ट्रेनिंग देने की कार्य योजना पर तेजी से काम कर रहा है।

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