ज्ञानवापी श्रृंगार गौरी प्रकरण में प्रतिवादी पक्ष के अधिवक्ता अभयनाथ यादव नहीं रहे

 
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वाराणसी। ज्ञानवापी श्रृंगार गौरी प्रकरण में प्रतिवादी पक्ष अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी के अधिवक्ता अभयनाथ यादव (60) का हार्ट अटैक से निधन हो गया। यादव ने भोजुबीर स्थित एक निजी अस्पताल में आखिरी सांस ली।

सोमवार को इसकी जानकारी होते ही बड़ी संख्या में अधिवक्ता और अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी के पदाधिकारी पांडेयपुर नई बस्ती स्थित आवास पर शोक संवेदना जताने पहुंचे। परिजनों ने बताया कि उन्हें सीने में दर्द और बेचैनी की समस्या के कारण अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। यादव के अन्तिम यात्रा में भी अधिवक्ता और रिश्तेदार शामिल हुए। अंतिम संस्कार मोक्ष तीर्थ मणिकर्णिका घाट पर किया गया। यादव के निधन पर बनारस बार एसोसिएशन और दी सेंट्रल बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों और अधिवक्ताओं ने भी शोक जताया है।

बताते चलें, ज्ञानवापी श्रृंगार गौरी प्रकरण में चार अगस्त को जिला जज की अदालत में सुनवाई होनी है। प्रकरण में सभी पक्ष केस के मेरिट पर अपनी बहस पूरी कर चुके हैं। 4 अगस्त को मुस्लिम पक्ष की ओर से प्रत्युत्तर रखा जाना है। ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के वजूखाने में न्यायालय के आदेश पर हुए सर्वे की कार्यवाही में शिवलिंग नुमा आकृति मिली है, जिसको लेकर हिंदू पक्ष का दावा है कि ये आदि शिवलिंग है। तो मुस्लिम पक्ष का तर्क है कि यह फव्वारा है।

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद वाराणसी जिला कोर्ट में सुनवाई चल रही है। प्रतिवादी पक्ष की ओर से अधिवक्ता अभयनाथ यादव अपने दमदार तर्क और बहस से चर्चा में आये थे। उन्होंने वादी पक्ष द्वारा ज्ञानवापी मस्जिद मामले में सुनवाई किए जाने की मांग के विरोध में 52 बिंदुओं को लेकर बहस किया था। यादव के निधन पर शोक जताते हुए अंजुमन इंतजामिया मसाजिद के सचिव एमएस यासीन सईद ने कहा कि अभयनाथ यादव के असमय जाने से न केवल इस केस को झटका लगा है। बल्कि एक वरिष्ठ साथी अधिवक्ता का साथ छूट गया है। यादव विभिन्न अदालतों में मूलवाद, श्रृंगार गौरी सहित करीब आधा दर्जन केस की पैरवी कर रहे थे। दिवंगत अधिवक्ता अभयनाथ यादव के शोक संतप्त परिवार में पत्नी, बेटा और दो बेटियां हैं।

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