भारत की वृद्धि इस साल 7.5 प्रतिशत के साथ बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में सबसे अधिक रहने की उम्मीद: मोदी

 
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नयी दिल्ली, - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि चालू वित्त वर्ष में भारत की वृद्धि दर 7.5 प्रतिशत रहने की संभावना है और इस तरह देश प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे ऊंची वृद्धि दर्ज करेगा। श्री मोदी ब्रिक्स व्यवसायिक मंच 2022 के उद्घाटन सत्र को ऑनलाइन संबोधित कर रहे थे।

ब्रिक्स में भारत के अलावा ब्राजील, रूस, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं। उन्होंने कहा कि नए भारत में हर क्षेत्र में रूपांतरणकारी सार्थक बदलाव आ रहे हैं। श्री मोदी ने कहा कि ब्रिक्स का गठन इस विश्वास के साथ किया गया था कि समूह की उभरती अर्थव्यवस्थाएं, वैश्विक आर्थिक वृद्धि की गाड़ी के इंजन की भूमिका निभाएंगी।

प्रधानमंत्री ने कहा, “आज दुनिया कोविड के बाद आर्थिक गतिविधियां तेज करने पर ध्यान दिए हुए हैं। इस स्थिति में भी ब्रिक्स देशों की भूमिका महत्वपूर्ण बनी रहेगी। ”

प्रधानमंत्री ने कहा कि अपनी अर्थव्यवस्था को महामारी से उत्पन्न समस्याओं से उभारने के लिए भारत ने “रिफॉर्म,परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म'(सुधार, क्रियान्वयन और बदलाव) के मंत्र के साथ काम किया है जिसका परिणाम भारतीय अर्थव्यवस्था के अच्छे प्रदर्शन के रूप में दिख रहा है। उन्होंने कहा, “इस वर्ष हम 7.5 प्रतिशत की वृद्धि की उम्मीद कर रहे हैं जो हमें प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तीव्र वृद्धि दर्ज करने वाली अर्थव्यवस्था बनाएगी। ”

प्रधानमंत्री ने कहा कि नए भारत में रूपांतरकारी बदलाव आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत इस प्रौद्योगिकी पर आधारित आर्थिक वृद्धि, कारोबार सुगमता, राष्ट्रीय बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की सूची पर काम करने और अभूतपूर्व डिजिटल क्रांति के दौर से गुजर रहा है।

उन्होंने कहा,“ प्रौद्योगिकी आधारित वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए हम हर क्षेत्र में नवप्रवर्तन को प्रोत्साहित कर रहे हैं। उन्होंने इसी संदर्भ में अंतरिक्ष सामुद्रिक अर्थव्यवस्था, हरित हाइड्रोजन, स्वच्छ ऊर्चा, ड्रोन प्रोद्योगिकी, भूस्थानिक आंकड़े जैसे क्षेत्रों के लिए सरकार द्वारा शुरू की गयी व्यवसाय अनुकूल नीतियों का उल्लेख किया। ”

श्री मोदी ने यह भी कहा कि भारत आज स्टार्ट-अप के क्षेत्र में दुनिया में सबसे बड़े पारिस्थितिकीतंत्र वाले देशों में शामिल हो गया है। भारत में स्टार्ट-अप इकाइयों की संख्या 7000 से ज्यादा है और यह संख्या लगातार बढ़ रही है। देश में एक अरब डॉलर की हैसियत वाली यूनीकॉर्न स्टार्ट-अप इकाइयों की संख्या 100 से ऊपर हो गयी है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में महामारी के दौरान भी कारोबार में सुगमता के लिए कदम उठाए जाते रहे। कारोबार करने वालों पर नियमों का जंजाल कम करने के लिए हजारों की संख्या में नियमों को बदला जा चुका है।

अवसंरचना विकास के बारे में उन्होंने कहा कि इसके लिए एक राष्ट्रीय वृह्द योजना बनायी गयी है। प्रस्तावित बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की एक राष्ट्रीय सूची तैयार की गयी है जिसमें 1.5 लाख करोड़ डॉलर के निवेश के अवसर हैं।

श्री मोदी ने भारत में डिजिटल अर्थव्यवस्था के प्रयाशों का जिक्र करते हुए कहा कि इस समय भारत में जिस पैमाने पर डिजिटल क्रांति हो रही है वह दुनिया में अब तक कहीं नहीं देखी गयी है। प्रधानमंत्री ने कहा,“ वर्ष 2025 तक भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था एक लाख करोड़ डॉलर की हो जाएगी। ”

उन्होंने कहा कि भारत के सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में 44 लाख पेशेवर काम करते हैं जिनमें 36 प्रतिशत महिलाएं हैं।

श्री मोदी ने ब्रिक्स महिला उद्यमी संगठन द्वारा भारत में इस समय हो रहे रूपांतरकारी बदलावों का अध्यन कराए जाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देश अर्थव्यवस्थाओं की दशा सुधारने के लिए तकनीक आधारित वृद्धि के प्रयास पर भी उपयोगी चर्चा कर सकते हैं।

उन्होंने ब्रिक्स व्यावसायिक मंच को नियमित संवाद के लिए एक स्थायी मंच बनाने का सुझाव भी दिया।

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