एकजुट विपक्ष को पटरी से उतारने के लिए कुछ दलों ने किया भाजपा का समर्थन : अल्वा

 
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नयी दिल्ली - उपराष्ट्रपति चुनाव में श्री जगदीप धनखड़ से हारने वाली विपक्ष की उम्मीदवार मार्गरेट अल्वा ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि कुछ विपक्षी दलों ने ‘प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से’ भारतीय जनता पार्टी का समर्थन किया ताकि एकजुट विपक्ष के विचार को पटरी से उतारा जा सके।
श्रीमती अल्वा ने सिलसिलेवार ट्वीट में कहा,“श्री धनखड़ को उपराष्ट्रपति चुने जाने पर बधाई! मैं विपक्ष के सभी नेताओं और इस चुनाव में मुझे वोट देने वाले सभी दलों के सांसदों को धन्यवाद देना चाहती हूं। साथ ही, सभी स्वयंसेवकों को हमारी छोटी लेकिन गहन सेवा अभियान में उनकी निस्वार्थ सेवा के लिए धन्यवाद।”
श्रीमती अल्वा ने बिना किसी का नाम लिए तृणमूल कांग्रेस पर भी कटाक्ष किया और कहा कि ‘कुछ विपक्षी दलों’ ने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से भाजपा का समर्थन किया। उन्होंने इसे एकजुट विपक्ष के विचार को पटरी से उतारने का प्रयास बताया।
उन्होंने कहा,“यह चुनाव विपक्ष के लिए एक साथ काम करने, अतीत को पीछे छोड़ने और एक-दूसरे के बीच विश्वास बनाने का एक अवसर था। दुर्भाग्य से, कुछ विपक्षी दलों ने संयुक्त विपक्ष के विचार को पटरी से उतारने के प्रयास में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से भाजपा का समर्थन करना चुना।”
उन्होंने कहा,“मेरा मानना ​​है कि ऐसा करके इन पार्टियों और उनके नेताओं ने अपनी विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाया है।” उन्होंने कहा, “यह चुनाव खत्म हो गया है। हमारे संविधान की रक्षा, हमारे लोकतंत्र को मजबूत करने और संसद की गरिमा बहाल करने की लड़ाई जारी रहेगी।”
गौरतलब है कि श्री धनखड़ को भारत के अगले उपराष्ट्रपति के रूप में चुना गया क्योंकि उन्होंने 528 वोट हासिल हुए जबकि उनकी प्रतिद्वंद्वी श्रीमती अल्वा को 128 वोट मिले।

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