गैजेट्स कहीं आपको बीमार न बना दें
 

- सुनीता गाबा

 
गैजेट्स कहीं आपको बीमार न बना दें

विज्ञान ने हमें ऐसे कई गैजेट्स दिए हैं जिन पर हमारी निर्भरता बढ़ती जा रही है। दिन के बहुत से घंटे हम अपने आपको इन गैजेट्स के साथ जुड़ा पाते हैं जैसे लैपटॉप (कंप्यूटर), टीवी, वाईफाई, वीडियो गेम, मोबाइल आदि।

ये सभी गैजेट्स हमारे जीवन का अहम हिस्सा बन चुके हैं। इनका खराब होना ऐसे लगता है जैसे वो दिन बेकार हो गया पर हम यह नहीं जानते कि ये गैजेट्स हमें चुपके से कौन कौन सी बीमारियां दे रहे हैं। समय रहते स्वयं को बचा कर रखने में हमारी भलाई है।

इनके दुष्प्रभावों से कैसे बचें:-
कंप्यूटर या लैपटाप पर हम दिन में कितने घंटे काम करते हैं, हमें पता ही नहीं चलता। कंप्यूटर पर लगातार काम करने से आंखें, हाथों की उंगलियां, कमर, गर्दन सभी प्रभावित होती हैं।

हमें कंप्यूटर पर काम करते समय हर आधे घंटे के बाद दो-तीन मिनट के लिए आंखों को आराम देना चाहिए। स्क्रीन से आंखों को हटा कर पलकें बंद कर लें या उस ओर ध्यान हटा लें। हाथों की उंगलियों को भी थोड़ा ब्रेक दें।

उन्हें स्ट्रेच करे, मुट्ठी बनाएं खोलें ताकि नसों को आराम मिल सके। एक घंटे के अंतराल में अपनी सीट से उठें, वाशरूम जाएं, पानी पिएं ताकि कमर, टांगें और गर्दन को आराम मिल सके।

टीवी अंधेरे कमरे में न देखें। कमरे में पर्याप्त रोशनी हो, इस बात का ध्यान रखें। लगातार एक ही स्थान पर बैठकर टीवी न देखें। हर आधे घंटे में ब्रेक लें। वहां से उठें, बाहर जाएं या कोई अन्य काम करें। टीवी देखते समय खाना न खाएं। पता ही नहीं चलेगा आपनेे कितना खा लिया। परिणाम मोटापा जल्दी चढ़ेगा। मोटापा कई बीमारियों की जड़ है, यह जग विदित है।

कंप्यूटर- लैपटॉप पर बड़ी स्क्रीन का इस्तेमाल करें ताकि आपका पाश्चर सही रहे।

मोबाइल फोन का प्रयोग एक सीमित समय के लिए करें, जब आवश्यकता हो। फालतू फेसबुक, व्हाट्सएप पर समय और आंखों की बर्बादी न करें। दिन में निर्धारित समय के लिए अपने जरूरी मैसेज करें और औरों के मैसेज पढ़ें। सारा दिन इस पर व्यर्थ न गवाएं। विशेषज्ञों का मानना है कि मोबाइल पर लगातार एक घंटा नित्य इस्तेमाल से मस्तिष्क में ग्लूकोज का संतुलन बिगड़ सकता है।

एक अन्य रिसर्च के अनुसार मोबाइल फोन पर उससे 18 गुना अधिक हानिकारक बैक्टीरिया होते हैं जितने टॉयलेट के फ्लश हैंडल पर होते हैं। इन बैक्टीरिया की वजह से पेट में गंभीर बीमारियां होने की आशंका रहती है। मोबाइल का प्रयोग अगर दिन में 4 से 5 घंटे से ज्यादा हो तो आपका स्वभाव अधिक गुस्से वाला बनता है।

इसी प्रकार कंप्यूटर पर अधिक समय बिताने वालों को मृत्यु का खतरा अन्य लोगों से 45 फीसदी अधिक होता है। दिल की बीमारी का खतरा भी 125 फीसदी ज्यादा होता है। ये आंकड़े लंदन यूनिवर्सिटी की एक रिसर्च के अनुसार है।

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