बाल कहानी: बुद्धिमान स्त्री

 
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एक समय की बात है। चार राहगीर कहीं जा रहे थे। रास्ते में उन्हें प्यास लगी। एक गांव के निकट वे पहुंचे, तो उन्होंने एक स्त्री को पानी भरते हुए देखा। उन्होंने सोचा कि यदि वे चारों एक साथ कुएं पर पहुंचें तो शायद वह स्त्री उन्हें पानी पिलाने से इंकार कर दे, इसलिए उन्होंने एक-एक कर जाने का विचार किया।
सबसे पहले एक आदमी कुएं पर पहुंचा और उससे पानी पिलाने की प्रार्थना की। स्त्री ने पूछा, 'तू कौन?'
उसने उत्तर दिया, 'बटेऊ(राहगीर)।'
स्त्री ने कहा, 'दुनिया में केवल दो बटेऊ हैं तो तीसरा कहां से आया। इसका अर्थ बताएगा तो पानी मिलेगा अन्यथा तुझे यहीं बैठना पड़ेगा।'
वह आदमी स्त्री के प्रश्न का उत्तर नहीं दे पाया और वहीं बैठ गया।
थोड़ी देर प्रतीक्षा करने के बाद दूसरा आदमी आया। उसने भी पीने के लिए पानी मांगा। स्त्री ने उससे पूछा, 'तू कौन?'
उसने अपना नाम बलवान बताया। स्त्री ने उससे भी कहा, 'संसार में बलवान तो दो ही हैं, तीसरा कौन? इसका उत्तर दिए बिना पानी नहीं मिलेगा।'
वह भी उत्तर न दे पाया और वहीं बैठ गया।
थोड़ी देर में तीसरा आदमी आया। स्त्री ने उससे पूछा, 'तू कौन?'
उसने अपना नाम गरीब बताया। स्त्री ने कहा, 'संसार में गरीब तो दो ही हैं, तीसरा कौन? इसका उत्तर दिए बिना पानी नहीं मिलेगा।
वह भी उत्तर न दे पाया और वहीं बैठ गया।
थोड़ी देर में चौथा आदमी भी आ गया। स्त्री ने उससे पूछा, 'तू कौन?'
उसने अपना नाम मूर्ख बताया। स्त्री ने कहा, 'संसार में मूर्ख तो दो ही हैं, तीसरा कौन? इसका उत्तर दिए बिना पानी नहीं मिलेगा।' वह भी उत्तर न दे पाया और वहीं बैठ गया।
अब वह स्त्री उन चारों को ले कर अपने घर की ओर चली। रास्ते में जब उसके पति ने देखा तो यही समझा कि चार आदमी उसकी पत्नी का पीछा कर रहे हैं। वह क्रोध से जल उठा और उनकी खूब मरम्मत की। तभी शहर कोतवाल वहां से गुजरा तो उन पांचों को सार्वजनिक स्थान पर दंगा-फसाद करने के जुर्म में पकड़ कर कोतवाली ले गया।
स्त्री को जब पता चला तो वह भी कोतवाली पहुंची और उसने कुएं का सारा वृत्तांत सुना दिया। कोतवाल पूरी बात सुन कर पहले तो हंसा और फिर उसने कहा, 'बहन, क्या तुम इन चारों प्रश्नों का उत्तर बता सकती हो।'
उसने कहा, 'हां, देखो मेरा पहला प्रश्न था 'बटेऊ'। संसार में दो ही बटेऊ हैं सूरज और चांद जो कभी नहीं बैठते, हमेशा चलते रहते हैं। दूसरा प्रश्न 'बलवान' से था। संसार में दो ही बलवान हैं अग्नि और जल जिनका संसार में कोई सामना नहीं कर सकता। तीसरा प्रश्न 'गरीब' से था। संसार में गाय और कन्या दो गरीब हैं। उनको जिस खूंटे से बांध दो, वहीं बंधे रहते हैं। उन पर चाहे जैसा बरताव किया जा सकता है। चौथा प्रश्न मूर्ख से था। मेरा पति और आप दो मूर्ख हैं। एक ने बिना कारण जाने इन बेचारों की पिटाई की और आपने बिना पूरी जांच-पड़ताल किए इन सबको पकड़ लिया।'
स्त्री की बुद्धिमानी पर कोतवाल बहुत प्रसन्न हुआ और उसने पांचों को छोड़ दिया तथा स्त्री को पुरस्कार देने की घोषणा की।
-नरेंद्र देवांगन

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