दांपत्य में नवीनता का अहसास

- किशन लाल शर्मा
 
- किशन लाल शर्मा

शादी के बाद पति पत्नी में उमंग जोश रहता है। दोनों एक दूसरे का खूब ख्याल रखते हैं। एक दूसरे से प्यार करते हैं। वे एक दूसरे के बिना नहीं रह सकते। पति को पत्नी का मायके जाना अखरता है।

पति अगर टूर पर घर के बाहर चला जाता है, तो पत्नी का एक एक पल बड़ी मुश्किल से गुजरता है लेकिन समय गुजरने के साथ धीरे धीरे पति पत्नी के रिश्ते में ठंडापन आने लगता है। जिंदगी एक बंधे बंधाये ढर्रे पर चलने लगती हे। रिश्ते में नीरसता और बासीपन आ जाता है। कोई जोश, उमंग नहीं रहती।

हमारे यहां शादी का मतलब है आजीवन का बंधन। इसका मतलब यह नहीं कि तलाक नहीं हो सकता। अगर पति पत्नी में न बनती हो तो कानूनी रूप से तलाक ले सकते हैं।

कानून में तलाक का प्रावधान है लेकिन हमारे यहां तलाक के मामले कम ही देखने में आते थे पर अब तलाकों की संख्या बढ़ती जा रही है।

शादी होने के बाद पति पत्नी आजीवन साथ रहते हैं। जब आजीवन साथ रहना है तो दांपत्य में मधुरता और प्यार के साथ-साथ विश्वास सहयोग जरूरी है। इसके लिए जरा आप इन बातों पर अमल करके तो देखिये।

पति-पत्नी को एक दूसरे से प्यार करना चाहिए। प्यार दिखावटी नहीं, दिल से होना चाहिए।

पति-पत्नी को एक दूसरे के प्रति हमदर्दी होनी चाहिए। एक दूसरे को बीमारी होने या कोई भी शारीरिक कष्ट होने पर एक दूसरे का साथ देना चाहिए।

पति-पत्नी के दिल में एक दूसरे के प्रति सम्मान की भावना होनी चाहिए। न एक दूसरे का मजाक बनायें, न ही हंसी उड़ाकर दांपत्य में कटुता घोलें।

बोलते समय शालीनता का परिचय दें। गाली गलौज या अशिष्ट भाषा का प्रयोग न करें। जब भी आपस में बात करें, संयम बरतें। उल्टा सीधा न बोलें।

पति पत्नी को एक दूसरे पर न अर्नगल आरोप लगाये, ना ही दोषारोपण करें।

पति पत्नी के हर काम में ना कहने की आदत नहीं डालनी चाहिए। नकारात्मक नहीं सकारात्मक सोच रखें।

पति पत्नी को जब भी एक दूसरे का कोई काम या बात अच्छी लगे, तब अपने जीवनसाथी की प्रशंसा करना न भूलें। प्रशंसा के दो बोल जादू सा असर दिखाते हैं।

समय मिलने पर या छुट्टी में महीने दो महीने में जैसा भी संभव हो, पति पत्नी को पिकनिक पर या घूमने जरूर जाना चाहिए। इससे बंधी बंधाई जिंदगी से अलग हटकर महसूस होता है और नवीनता का अहसास होता है।

अनावश्यक रूप से पति पत्नी को एक दूसरे के प्रश्न करने से बचना चाहिए।

गृहस्थी चलाना पत्नी या पति अकेले का काम नहीं है। गृहस्थी चलाना दोनों की जिम्मेदारी है इसलिए मिलजुलकर रहें।

माफी में शर्म कैसी? पति या पत्नी से किसी भी काम या बात में गलती हो सकती है तो साथी से माफी मांगने में शर्म कैसी?

पति-पत्नी को बेवजह या सुनी सुनाई बातों पर एक दूसरे पर शक नहीं करना चाहिए। शक दांपत्य में दरार डाल देता है जबकि विश्वास दांपत्य की नींव को मजबूत करता है।

मेरिज डे, बर्थ डे  आदि की तारीखें याद रखें। इस दिन बधाई के साथ-साथ आप साथी को गिफ्ट भी दे सकते हैं। गिफ्ट का आकलन उसके मूल्य से नहीं प्यार और भावना से करें।

पति पत्नी का पूरे जन्म का साथ है। उन्हें एक दूसरे की रूचि, पसंद, इच्छा का ख्याल रखना चाहिए।

सेक्स का दांपत्य में प्रमुख स्थान है। सेक्स दांपत्य में मधुरता लाकर एक दूसरे को करीब लाता है।

अगर पत्नी नौकरी नहीं करती तो रोज घर के काम करती है। पति को चाहिए कभी पत्नी को आराम दे। अगर पति पत्नी दोनों सर्विस करते हों तो घर के काम उन्हें मिल जुलकर करने चाहिए।

यहां मैंने छोटी छोटी बातों का जिक्र  किया है जो दांपत्य में प्रेम और मधुरता ला सकती हैं। ऐसी बातें और भी हो सकती हैं। पति-पत्नी स्वयं ढूंढ सकते हैं कि वे दांपत्य में प्रेम मधुरता कैसे ला सकते हैं। दांपत्य में नीरसता बासीपन

आने से कैसे रोक सकते हैं। ढर्रे पर चल रहीं जिंदगी में नवीनता का अहसास कैसे कर सकते हैं।

आप आजमा कर तो देखिये। परिवर्तन महसूस होगा।

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