औषधीय गुणों से भरपूर है मशरूम
 

 
भारत में मशरुम को खाने का सबसे अधिक प्रचलन जम्मू-कश्मीर तथा हिमाचल प्रदेश में है। यह स्वादिष्ट होने के साथ-साथ पोषक तत्वों से भी भरपूर होता है। अब इसकी खेती भारत में इतनी होने लगी है कि इसको फ्रांस, जर्मनी, स्विटजरलैंड आदि देशों को निर्यात किया जाने लगा है। आज तेजी से बढ़ती हुई आबादी की खाद्य समस्या को हल करने में मशरुम का जहां योगदान बढ़ा है वहीं अनेक प्रकार की बीमारियों में भी इसका प्रयोग रामबाण सिद्ध हो रहा है। मशरुम में शरीर के लिए आवश्यक सभी तत्व पूर्ण मात्रा में पाये जाते हैं। प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, वसा, विटामिन, लवण आदि पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं ये मशरुम। इनमें विटामिन-बी की मात्रा अन्य खाद्य पदार्थों से बहुत अधिक होती है। सूखा रोग दूर भगाने वाला विटामिन-डी भी इसमें पाया जाता है। अन्य प्रचलित खाद्य पदार्थों से कहीं अधिक केलोरी इनकी गुच्छियों से प्राप्त होती है। अनेक शोधों से यह ज्ञात हो चुका है कि मशरुम में सदाबहार यौवन को बनाये  रखने के अनेक गुण विद्यमान होते हैं। इसके नियमित सेवन से असमय वृद्धावस्था का प्रकोप नहीं सताता। मशरुम को नियमित प्रयोग करते रहने से मोटापे में कमी आती है तथा सुन्दरता की वृद्धि होती है। बलवृद्धि के साथ-साथ बुद्धि में भी वृद्धि होती है। मशरुम के सेवन से सबसे अधिक लाभ मन्दबुद्धि वालों के लिए होता है। मन्दबुद्धि वाले छोटे बच्चों को अगर मशरुम का नियमित सेवन कराया जाये तो उनका मानसिक विकास निश्चित रूप से होता है।

भारत में मशरुम को खाने का सबसे अधिक प्रचलन जम्मू-कश्मीर तथा हिमाचल प्रदेश में है। यह स्वादिष्ट होने के साथ-साथ पोषक तत्वों से भी भरपूर होता है। अब इसकी खेती भारत में इतनी होने लगी है कि इसको फ्रांस, जर्मनी, स्विटजरलैंड आदि देशों को निर्यात किया जाने लगा है। आज तेजी से बढ़ती हुई आबादी की खाद्य समस्या को हल करने में मशरुम का जहां योगदान बढ़ा है वहीं अनेक प्रकार की बीमारियों में भी इसका प्रयोग रामबाण सिद्ध हो रहा है। मशरुम में शरीर के लिए आवश्यक सभी तत्व पूर्ण मात्रा में पाये जाते हैं। प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, वसा, विटामिन, लवण आदि पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं ये मशरुम। इनमें विटामिन-बी की मात्रा अन्य खाद्य पदार्थों से बहुत अधिक होती है। सूखा रोग दूर भगाने वाला विटामिन-डी भी इसमें पाया जाता है।

अन्य प्रचलित खाद्य पदार्थों से कहीं अधिक केलोरी इनकी गुच्छियों से प्राप्त होती है। अनेक शोधों से यह ज्ञात हो चुका है कि मशरुम में सदाबहार यौवन को बनाये  रखने के अनेक गुण विद्यमान होते हैं। इसके नियमित सेवन से असमय वृद्धावस्था का प्रकोप नहीं सताता।

मशरुम को नियमित प्रयोग करते रहने से मोटापे में कमी आती है तथा सुन्दरता की वृद्धि होती है। बलवृद्धि के साथ-साथ बुद्धि में भी वृद्धि होती है। मशरुम के सेवन से सबसे अधिक लाभ मन्दबुद्धि वालों के लिए होता है। मन्दबुद्धि वाले छोटे बच्चों को अगर मशरुम का नियमित सेवन कराया जाये तो उनका मानसिक विकास निश्चित रूप से होता है।

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