आंखों को बनाए रखें रोशन

 
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हमारा अधिकांश समय कंप्यूटर या मोबाइल पर काम करते हुए बीतता है। साथ ही कई और काम होते हैं जिनमें हमारी आंखों को अधिक परिश्रम करने की जरूरत होती है। ऐसे में आंखों का थकना और आंखों से जुड़ी परेशानियां होना आम बात है जो आगे चल कर आंखों की रोशनी को प्रभावित करने का काम करते हैं। यदि समय रहते आंखों का ख्याल रखा जाए तो उसकी कम होती रोशनी को सुरक्षित रखा जा सकता है।
आंखों के आराम के लिए: आंखों को आराम पहुंचाने के लिए जो सबसे आसान एक्सरसाइज है वो है अपनी दोनों हथेलियों को आपस में रगड़ें और हथेलियां गर्म हो जाने के बाद उन्हें अपनी आंखों के ऊपर रखें। इससे आपकी आंखों को आराम मिलेगा। दिन के समय जब भी वक्त मिले, इसकी प्रैक्टिस करें।
आंखों को झपकाते रहें: कंप्यूटर पर अधिक समय तक काम करने वाले सामान्य तौर पर अपनी आंखों को कम झपकाते हैं, इसलिए विशेषज्ञ उन्हें बार-बार आंखों को झपकाने की सलाह देते हैं। प्रत्येक तीन से चार सेकंड के बाद अपनी आंखों को झपकाएं।
दूर से चीजों को देखें: कंप्यूटर पर काम करने वाले अधिकांश लोगों को दूर की चीजों को देखने में परेशानी हो जाती है। इस परेशानी से बचने का एक सिंपल सा उपाय है कि चीजों को हर 30-45 मिनट के बाद 5 सेकंड तक दूर से देखो। इस तकनीक से दूर की चीजों पर ध्यान केंद्रित करने में मदद मिल सकती है।
डालें पानी के छींटें: यदि आपको ऐसा महसूस होता है कि आपकी आंखें थक गई हैं तो तुरंत बाथरूम में जाएं और आंखों को अच्छी तरह से धोएं। इसे अपनी रोज की आदतों में शुमार करें। आंखों पर पानी के छींटे मारने से आंखों की अत्यधिक थकान मिट जाती है और उनमें ताजगी आती है।
करें '8' एक्सरसाइज' की प्रैक्टिस:  इस एक्सरसाइज की प्रैक्टिस करने से आंखों का लचीलापन बढ़ता है। अपनी आंखों के सामने कुछ दूरी पर '8' अंक की कल्पना करें और अब अपनी आंखों से उसे धीरे-धीरे टेंस करने की कोशिश करें। ऐसी प्रैक्टिस अपनी दोनों आंखों से करें।
सुबह की वॉक है फायदेमंद: सुबह जल्दी उठ कर वॉक करें। इससे आंखों को ताजगी मिलती है। इसके साथ ही सूर्य की पर्याप्त रोशनी भी मिलती है।
आंखों के लिए सिर्फ गाजर ही नहीं : इसके बारे में शायद सबको पता है कि आंखों के लिए विटामिन ए युक्त गाजर सबसे जरूरी होती है लेकिन क्या आपको पता है कि गाजर से मिलने वाला सिर्फ विटामिन ए ही नहीं, कई अन्य मिनरल्स भी जरूरी हैं। शोध में यह बात सामने आई है कि एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर हरी पत्तेदार सब्जियां मैक्यूलर डिजेनरेशन और कैटेरेक्ट के खतरे को कम करने का काम करती हैं।
अंडे: इसमें एंटीऑक्सीडेंट के साथ-साथ जिंक भी भरपूर मात्रा में पाया जाता है जो मैक्यूजर डिजेनरेशन के खतरे को कम करने का काम करता है।
सिट्रस और बेरीज: ये फल विटामिन सी के बेहतरीन स्रोत माने जाते हैं जो मैक्यूलर डिजेनरेशन और कैटेरेक्ट के खतरे को कम कर सकते हैं।
बादाम: विटामिन ई से भरपूर बादाम आंखों की परेशानी दूर करने में कारगर होते हैं। एक मु_ी बादाम रोजाना खाने से हर दिन की आवश्यक विटामिन ई की मात्रा की पूर्ति हो जाती है।
फैटी फिश: जिन मछलियों में फैटी एसिड पाया जाता है, वे ड्राय आइज सिंड्रोम की समस्या को दूर करने के काम करती हैं।

 

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