त्रिपुरा में एक और भाजपा विधायक ने दिया इस्तीफा, बोले- भाजपा में बोलते कुछ और है, करते कुछ और है !

 
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अगरतला - त्रिपुरा में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को शुक्रवार को उस समय एक और बड़ा झटका लगा जब उसके एक और विधायक बरबा मोहन ने अपना इस्तीफा दे दिया और टिपरा मोथा में शामिल हो गये।
राज्य विधानसभा का मानसून सत्र शुरू होने से ठीक आधे घंटे पहले श्री मोहन ने टिपरा मोथा सुप्रीमो प्रद्योत किशोर और भाजपा के पूर्व सहयोगी आईपीएफटी विधायक बृशकेतु देबबर्मा के साथ स्पीकर रतन चक्रवर्ती से मुलाकात की और उन्हें अपना इस्तीफा सौंपा तथा टिपरा मोथा में शामिल होने की जानकारी दी।
श्री चक्रवर्ती ने श्री मोहन का इस्तीफा मिलने की पुष्टि की और कहा कि इस संबंध में उचित प्रक्रिया के तहत निर्णय लिया जायेगा। विधानसभा सूत्रों ने दावा किया कि स्पीकर ने श्री मोहन से अपना इस्तीफा यह कहते हुए कुछ समय के लिए टालने का अनुरोध किया कि वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने में केवल कुछ महीने बचे हैं तथा वर्ष के अंत में लेखानुदान पारित करने के लिए एक दिवसीय सत्र बुलाया जा सकता है।
इस मौके पर श्री मोहन ने संवाददाताओं से कहा , “ मेरे पिछले कुछ वर्षों के जुड़ाव के बाद 2018 में भाजपा का विधायक बनने के बाद मैं खुश नहीं हूं। अराजकता की स्थिति और लोगों की पीड़ा देख रहा हूं। मैंने पाया कि भाजपा बोल कुछ रही है तथा कर कुछ और रही है। ऐसी स्थिति मेरे लिए असहज है। मैं भाजपा में शामिल हुआ और लोगों की सेवा करने के लिए चुनाव लड़ा। मैंने पार्टी नेताओं के वादों पर विश्वास किया, लेकिन अब यह तमाशा सा लगता होता है।”
इस बीच श्री किशोर कहा कि श्री मोहन उनकी पार्टी में शामिल हो गये हैं तथा भाजपा और उसके सहयोगी आईपीएफटी के कुछ और विधायक जल्द ही मोथा में शामिल होंगे।
इससे पहले भाजपा के तीन विधायकों सुदीप रॉयबर्मन, आशीष साहा, और आशीष दास ने पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब के कुशासन और कुछ केंद्रीय भाजपा नेताओं के उनके साथ लिप्त होने का विरोध करते हुए पार्टी और विधानसभा से इस्तीफा दे दिया था। इनमें श्री रॉयबर्मन ने कांग्रेस के टिकट पर उपचुनाव जीत चुके हैँ। इसी तरह आईपीएफटी विधायक बृशकेतु देबबर्मा एक साल पहले ही इस्तीफा देकर टिपरा मोथा में शामिल हो गये थे, लेकिन स्पीकर ने उपचुनाव टालने के लिए पिछले सप्ताह तक उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया है।

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