हमें कश्मीर से निकालो: कश्मीरी पंडित सरकारी कर्मचारियों का एसओएस

 
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नई दिल्ली। कश्मीरी पंडित राहुल भट की हत्या को लेकर सदमे के बीच कश्मीरी पंडित प्रधानमंत्री पैकेज के कर्मचारियों ने शनिवार को केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से उनकी जान बचाने के लिए उन्हें कश्मीर से सुरक्षित निकालने का आग्रह किया।

ऑल पीएम पैकेज एम्प्लॉइज फोरम ने लिखा, “यह खेदजनक है कि हम पीएम पैकेज के कर्मचारियों ने धमकी की मजबूरी में आखिरकार फैसला किया है कि कश्मीर हम लोगों के लिए सुरक्षित नहीं है। यह वास्तव में दुर्भाग्यपूर्ण है कि भारतीय होने के नाते, हमें बार-बार निशाना बनाया जा रहा है, दिन-ब-दिन हमारी चुनिंदा तरीके से हत्या की जा रही है।”

फोरम के नेताओं ने कहा, “यह पैकेज हम लोगों के लिए विश्वास बनाने पहल के रूप में दिया गया था, लेकिन विश्वास के बारे में भूल जाओ, हम यहां रहने तक में सक्षम नहीं हैं।”

कर्मचारियों ने कहा कि प्रशासन रोजाना उनकी जान की जिम्मेदारी लेता है लेकिन यहां रोजाना उनकी हत्या की जा रही है। उन्होंने कहा कि उन्हें कश्मीर में हिंदू होने के कारण निशाना बनाया जा रहा है और जिहादी आतंकवाद के कारण हम कश्मीर में नहीं रह सकते।

पत्र में कहा गया है, “कश्मीरी पंडित जिहादी आतंकवाद के कारण दुनिया में कहीं भी सेवा करने के लिए तैयार हैं, लेकिन कश्मीर में नहीं। हम पीएम पैकेज कर्मचारी और गैर-पीएम पैकेज कर्मचारी आपसे अनुरोध करते हैं कि कृपया हमें कश्मीर प्रांत से सुरक्षित निकाल लें और हमें बचाएं।”

इसके अलावा, फोरम ने सामूहिक इस्तीफा देने की भी धमकी दी। पत्र में कहा गया है, “सर, अगर आप कुछ भी करने में सक्षम नहीं हैं तो हम सामूहिक इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं।”

तीन सौ पचास से अधिक कश्मीरी पंडित सरकारी कर्मचारियों ने अपने सहयोगी राहुल भट की आतंकवादियों द्वारा हत्या के बाद शुक्रवार को उपराज्यपाल मनोज सिन्हा को अपना इस्तीफा सौंप दिया। हालिया प्रकरण सरकार के लिए एक झटके के रूप में आया है क्योंकि उसकी घाटी में कश्मीरी पंडितों की वापसी और पुनर्वास की योजना है।

गौरतलब है कि अगस्त 2019 में मोदी सरकार द्वारा अनुच्छेद 370 को निरस्त करने और जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने के बाद से लगभग एक दर्जन कश्मीरी पंडितों को आतंकवादियों ने हत्या कर दी है।

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