मदरसों के सर्वे पर बयान को लेकर चर्चा में हैं मौलाना अरशद मदनी, कुछ लोग कर रहे ट्रोल तो कुछ समर्थन

 
मौलाना अरशद मदनी, 

नई दिल्ली। जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी आजकल सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में हैं। एक टीवी चैनल पर दिए गए इंटरव्यू के कारण उन्हें कुछ लोगों के जरिए सोशल मीडिया पर ट्रोल भी किया जा रहा है। अजीब बात यह है कि उन्हें किसी और समुदाय के जरिए नहीं बल्कि मुसलमानों द्वारा ही निशाना बनाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार के जरिए प्रदेश भर के मदरसों का सर्वे कराए जाने के फैसले पर मौलाना मदनी ने अपने इंटरव्यू में जो बातें कही हैं, उसका कुछ लोग समर्थन कर रहे हैं तो कुछ लोग विरोध कर रहे हैं।

मौलाना अरशद मदनी का कहना है कि सरकार सर्वे कर रही है तो हर्ज क्या है? मदरसों को सर्वे कराना चाहिए और जो मदरसे सरकारी जमीन या अवैध रूप से बनाए गए हैं, उन्हें तोड़ देना चाहिए। मदनी के इस बयान से मुसलमानों में बेचैनी पाई जा रही है। कुछ दिनों पहले जमीयत उलमा-ए-हिंद के मौलाना महमूद मदनी गुट ने दिल्ली में देशभर के मदरसों के प्रतिनिधियों की एक बैठक बुलाई थी जिसमें उत्तर प्रदेश, असम और उत्तराखंड की राज्य सरकारों के जरिए मदरसों का सर्वे कराए जाने के फैसले का विरोध किया गया था। इस बैठक में स्पष्ट किया गया था कि सर्वे के दौरान मदरसों की हर संभव सहायता की जाएगी और इसके लिए एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है।

अब जब उत्तर प्रदेश में मदरसों के सर्वे का काम भी शुरू हो गया है, तब मौलाना अरशद मदनी के हालिया बयान से मदरसा प्रबंधकों और मुस्लिम संगठनों में काफी हलचल मच गई है। मौलाना के इस बयान को लोगों के जरिए अलग-अलग नजरिए से देखा जा रहा है। कुछ लोगों का कहना है कि इससे सरकार, प्रशासन और सर्वे करने वाली टीम को बल मिलेगा। प्रशासन को मदरसों के खिलाफ कार्रवाई करने में हिचकिचाहट नहीं होगी। सोशल मीडिया पर लोगों का कहना है कि मौलाना के इस तरह के बयान से सर्वे से पहले परेशान मदरसा प्रबंधकों को और अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।

कुछ लोग इसे मौलाना की व्यक्तिगत राय करार दे रहे हैं तो कुछ लोगों का कहना है कि आखिर कब तक हम सरकार से ब्लेकमैल होते रहेंगे। हमे अपने कागज़ात वगैरह को दुरुस्त कर लेना चाहिए। अगर हम सही हैं तो हमें डरने की जरूरत क्या है? हमें सरकारों से कहना चाहिए कि वह अपना सर्वे करें और उन्हें क्लीन चिट दें ताकि आगे किसी तरह की कोई परेशानी नहीं होने पाएं।

From around the web