दिल्ली में बीएस-4 बसों की 1 अक्टूबर से नो एंट्री, हरियाणा सरकार ने मांगी अप्रैल तक की मोहलत

 
दिल्ली में बीएस-4 बसों की 1 अक्टूबर से नो एंट्री, हरियाणा सरकार ने मांगी अप्रैल तक की मोहलत
चंडीगढ़। दिल्ली सरकार द्वारा एक अक्टूबर से बीएस-फोर श्रेणी की बसों की एंट्री पर रोक लगाए जाने के चलते हरियाणा सरकार सकते में आ गई है। हरियाणा की इस समय करीब 950 बसें दिल्ली में जाती हैं। इनमें से ज्यादातर बीएस-फोर श्रेणी की बसें हैं।

हरियाणा परिवहन विभाग के अधिकारियों ने शुक्रवार को इस बारे में बैठक करने के बाद एक रिपोर्ट सरकार को भेज दी है। अब सरकार तथा आला अधिकारियों के स्तर पर दिल्ली सरकार से बातचीत करके कुछ माह के लिए छूट की मांग की जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेशों पर अमल करते हुए दिल्ली सरकार ने बीएस-4 मॉडल की बसों को पहली अक्टूबर से नई दिल्ली में नहीं चलाने का निर्णय लिया है। अन्य राज्यों के मुकाबले हरियाणा इससे अधिक प्रभावित हो रहा है।

दिल्ली सरकार में परिवहन विभाग के विशेष आयुक्त द्वारा इस संदर्भ में एक पत्र हाल ही में हरियाणा परिवहन विभाग के प्रधान सचिव नवदीप सिंह विर्क को लिखा गया था। इस पत्र में उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के साथ-साथ कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (सीएओएम) के निर्देशों का भी उल्लेख किया था। दिल्ली सरकार का मानना है कि बीएस-4 मॉडल की डीजल बसों की वजह से प्रदूषण फैल रहा है। ऐसे में दिल्ली में केवल बीएस-6 मॉडल, सीएनजी और इलेक्ट्रिक बसों को ही एंट्री की मंजूरी मिलेगी।

दिल्ली सरकार का यह फैसला पहली अक्टूबर से लागू होगा। दिल्ली में अकेले हरियाणा नहीं बल्कि पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश व जम्मू-कश्मीर की बीएस-4 मॉडल की बसों की एंट्री पर भी पाबंदी लगाई गई है।

परिवहन विभाग के निदेशक वीरेंद्र सिंह दहिया भी दिल्ली परिवहन विभाग के अधिकारियों को पत्र लिख चुके हैं। हरियाणा सरकार का कहना है कि इतने कम समय में बीएस-4 मॉडल की बसों पर रोक लगा पाना संभव नहीं है। राज्य सरकार बीएस-6 मॉडल की नई बसों की खरीद कर रही है। इसके लिए आर्डर भी दिए जा चुके हैं। करीब 150 बसें आ भी चुकी हैं। हर माह औसतन 90 बसों की डिलीवरी होने की उम्मीद है। ऐसे में हरियाणा सरकार ने अप्रैल-2023 तक का समय मांगा है।

शुक्रवार को हुई विभागीय अधिकारियों की बैठक में इस बात पर मंथन किया गया कि प्रदेश के किस-किस डिपो की बस दिल्ली में जा रही है, तथा वह किस मॉडल की बस है। यह बसें अगर बंद होती हैं तो गुरुग्राम, फरीदाबाद, पानीपत व सोनीपत से रोजाना दिल्ली जाने वाले दैनिक यात्रियों को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।

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