महाराष्ट्र के बागी विधायकों के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका, नहीं लड़ सकेंगे पांच साल तक चुनाव

 
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नयी दिल्ली, - महाराष्ट्र में जारी राजनीतिक उथल-पुथल के बीच उच्चतम न्यायालय के समक्ष एक याचिका दायर की गई है, जिसमें कहा गया है कि दलबदल करने वाले विधायकों को पांच साल तक के लिए चुनाव लड़ने से रोकने के निर्देश दिए जाएं। यह याचिका मध्य प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष जया ठाकुर की तरफ से दाखिल की गई है। यह साल 2021 में दायर उनकी लंबित याचिका के संदर्भ में है, जिसमें शीर्ष अदालत ने नोटिस जारी कर केंद्र से जवाब मांगा था। याचिका में अयोग्य घोषित होने या इस्तीफा देने वाले विधायकों के चुनाव लड़ने पर अगले पांच साल तक रोक लगाए जाने पर अंतरिम निर्देश की मांग की गई है।
अपनी इस याचिका में सुश्री ठाकुर ने कहा है कि सरकार को गिराने के लिए राजनीतिक दलों द्वारा देश भर में एक हालिया प्रवृत्ति विकसित की गई है, जिसके तहत भारतीय संविधान की दसवीं अनुसूची के प्रावधानों को निरर्थक बनाने के लिए सत्तारूढ़ दल के विधायक सदन से इस्तीफा दे रहे हैं।
उन्होंने कहा, ''फिर इस्तीफा देने वाले विधायकों को नई सरकार द्वारा मंत्री पद दिया जाता है और उन्हें उपचुनाव के लिए फिर से लड़ने के लिए टिकट भी दिया जाता है।''
सुश्री ठाकुर की याचिका में कहा गया है, ''राजनीतिक दल इस स्थिति का लाभ उठा रहे हैं और विभिन्न राज्यों में चुनी हुई सरकारों को गिरा रहे हैं, महाराष्ट्र में भी ऐसा ही हो रहा है। ये राजनीतिक दल फिर से हमारे देश के लोकतांत्रिक ढांचे को नष्ट करने की कोशिश कर रहे हैं। जबकि लोकतंत्र में सुशासन के लिए सरकार की स्थितरता पर जोर दिया गया है।''

याचिका में कहा गया है, ''यह हमारे संविधान का मजाक है। इन्हीं सब के चलते लोग राजनीतिक स्थिरता की बात को मानने से कतराते हैं, मतदान करने के अपने अधिकार से वंचित रहते हैं।''

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