संघ प्रमुख भागवत ने ऑल इंडिया इमाम ऑर्गेनाइजेशन के चीफ इमाम उमेर इलियासी से की मुलाकात

 
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नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने गुरुवार को ऑल इंडिया इमाम ऑर्गेनाइजेशन के चीफ इमाम मौलाना डॉ. उमेर अहमद इलियासी से मुलाकात की। संघ ने इस मुलाकात की पुष्टि भी की है। अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर के जरिए कहा गया है कि सरसंघचालक ने मौलाना उमेर अहमद इलियासी से मुलाकात की है। सरसंघचालक हमेशा अपने प्रवास के दौरान विभिन्न क्षेत्रों के लोगों से संवाद करते रहते हैं। यह मुलाकात भी उसी का हिस्सा है।

इस मुलाकात की बड़ी बात यह है कि सरसंघचालक ने कस्तूरबा गांधी मार्ग स्थित मस्जिद में जाकर इमाम इलियासी से मुलाकात की है। गौरतलब है कि मौलाना डॉ. इलियासी इस मस्जिद के इमाम भी हैं। इस दौरान डॉ. इलियासी ने कहा कि सरसंघचालक डॉ. भागवत देश के सबसे बड़े सामाजिक संगठन के प्रमुख हैं। इस दौरान उन्होंने डॉ. भागवत की बात को ही दोहराते हुए कहा कि हम सबका डीएनए एक है।

काबिलेगौर है कि डॉ. इलियासी देशभर के इमामों के बड़े संगठन ऑल इंडिया इमाम ऑर्गेनाइजेशन के चीफ इमाम हैं। वह इस संगठन के माध्यम से इमामों की आवाज उठाते रहते हैं। उनके पिता मौलाना जमील इलियासी ने इमामों को सरकारी खजाने से वेतन दिए जाने का मामला सुप्रीम कोर्ट में उठाया था जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकारों को इमामों को वेतन दिए जाने का ऐतिहासिक फैसला सुनाया था।

डॉ. इलियासी सभी धर्मों के धर्मगुरुओं के साथ मिलकर देश में व्याप्त नफरत के माहौल को कम करने और आपसी मेलजोल को बढ़ावा दिए जाने के प्रयासों में जुटे हुए हैं। वह अक्सर इस तरह के सम्मेलनों में भाग भी लेते रहते हैं। आज सरसंघचालक से होने वाली मुलाकात का मकसद भी यही बताया जा रहा है। सरसंघचालक भी चाहते हैं कि देश में हिंदू और मुसलमानों के बीच व्याप्त नफरत को कम किया जाए। इसके लिए दोनों धर्मों के धर्मगुरुओं को एकजुट करने का प्रयास किया जा रहा है।

आजाद मार्केट स्थित मदरसे में भी गए भागवत

इस मुलाकात के बाद डॉ. भागवत पुरानी दिल्ली के आजाद मार्केट स्थित मदरसा तजवीद-उल-कुरान भी गए। वहां उन्होंने मदरसे के शिक्षकों और छात्रों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने उनके पाठ्यक्रम को जाना और छात्रों को सलाह भी दी।

ज्ञात हो कि पिछले महीने 22 अगस्त के दिन सरसंघचालक ने मुसलमानों की पांच बड़ी हस्तियों से मुलाकात की थी। इस मुलाकात को काफी गुप्त रखा गया था, लेकिन बाद में जो बातें सामने आईं, उसके अनुसार इसका प्रमुख मुद्दा नफरत और मॉब लिंचिंग था। डॉ. भागवत से मुलाकात करने वालों में पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी, दिल्ली के पूर्व उप राज्यपाल नजीब जंग, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति रिटायर्ड कर्नल जमालुद्दीन शाह, वरिष्ठ पत्रकार एवं पूर्व सांसद शाहिद सिद्दीकी और शिक्षाविद् मुस्तफा शेरवानी शामिल थे।

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