हरियाली तीज पर ब्रज के मन्दिरों में उमड़ा जनसैलाब, श्यामाश्याम के झूलन के दर्शन कर स्वयं को किया धन्य !

 
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मथुरा - हरियाली तीज के पावन अवसर पर रविवार को लाखों श्रद्धालुओं ने ब्रज के मन्दिरों में हिन्डोले में श्यामाश्याम के झूलन के दर्शन कर स्वयं को धन्य किया।

जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल ने बताया कि वृन्दावन में हरियाली तीज का मेला सा लग जाने एवं बांकेबिहारी मन्दिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही हालांकि कहीं पर भी कोई अप्रिय घटना नही घटीं। ब्रज के अन्य धार्मिक स्थलों बरसाना, नन्दगांव, गोकुल आदि में यद्यपि तीर्थयात्रियों का सैलाब दिन भर उमड़ता रहा। यातायात व्यवस्था सही तरीके से लागू करने के कारण इस अवसर पर होने वाले जाम को रोका जा सका।

सबसे अधिक श्रद्धालु बांकेबिहारी मन्दिर में उमड़े जहां पर सोने  चांदी से निर्मित भव्य हिंडोले में आज श्यामाश्याम जब विराजमान हुए तो भक्त भाव विभोर हो गए। बांके बिहारी मन्दिर के राजभेाग सेवा अधिकारी ज्ञानेन्द्र गोस्वामी ने बताया कि बांकेबिहारी मन्दिर का हिंडोला 1947 में बनाया गया था। बनारस के कारीगरों ने इसे इतना भव्य बनाया कि बनने के 75 वर्ष बाद भी यह हिंडोला ऐसा प्रतीत होता है जैसे इसे आज ही बनाया गया है।

उन्होंने बताया कि कुछ समय तक झूलने के बाद जब श्यामाश्याम थक जाते हैं तो जगमोहन में बनी सेज पर कुछ देर विश्राम करते हैं और फिर हिंडोले में विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देते हैं। देर रात तीर्थयात्रियों की संख्या में कुछ कमी आई तो आरती के साथ मन्दिर के पट बन्द हो गए।

आज से ही वृन्दावन के राधारमण ,राधादामोदर, राधाश्यामसुन्दर, राधाबल्लभ, गोपीनाथ, मदनमोहन आदि मन्दिरों में श्यामसुन्दर और किशोरी जी की झूलनयात्रा शुरू हो गई है तो वृन्दावन की हर गली से ’’राधे झूलन पधारो घिर आए बदरा’’ की प्रतिध्वनि गूंज रही है।रंगनाथ मन्दिर वृन्दावन में यद्यपि दक्षिण भारत के मन्दिरों की तरह पूजन की परंपरा है किंतु इस मन्दिर में भी आज हिंडाला डाला गया था।

लाड़ली मन्दिर बरसाना में आज स्वर्ण हिंडोले में राधारानी और श्यामसुन्दर के दर्शन करने को तीर्थयात्रियों का इतना हुजूम उमड़ा कि दर्शन के दौरान मन्दिर की चौक पर तिल रखने भर को जगह नही थी। शाम के समय वातावरण श्रद्धा और भक्ति से भर गया जब गाजे बाजे के बीच मन्दिर के जगमोहन से डोले पर वृषभानु नन्दिनी को लाकर मन्दिर के चौक के बगल में बनी छतरी पर विराजमान किया गया तथा कुंवारी कन्यायों द्वारा राधारानी का आरता करने के काफी समय बाद डोले में ही श्यामाश्याम को लाकर जगमोहन मे विराजमान किया गया ।

भारत विख्यात द्वारकाधीश मन्दिर में श्रावण मास की शुरूवात से हीे सोने और चांदी के विशालकाय हिंडोले में श्यामाश्याम के दर्शन रोज हो रहे हैं। आज ही मथुरा, नन्दगांव, गोकुल, रमणरेती, महाबन, गोवर्धन के विभिन्न मन्दिरों में झूलनोत्सव प्रारंभ हो गया है जो रक्षाबन्धन तक चलेगा तथा हर जगह तीर्थयात्रियों की उपस्थिति ने मेला का दृश्य बना दिया है तथा चहुंओर भक्ति नृत्य कर रही है।

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