गोरखपुर: घूस लेने के आरोपी लेखपाल प्रवीण शाही को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने किया निलंबित, वीडियो क्लिप ने बयां की सच्चाई

 
निलंबित

गोरखपुर। हल्का नं 65 के लेखपाल प्रवीण शाही को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने निलंबित कर दिया है। प्रकरण में विभागीय जांच बैठा दी गई है। अब सदर तहसीलदार मामले की जांच कर रिपोर्ट सौंपेंगे।

विगत दिनों पैमाइश के लिए हल्का लेखपाल का 16 हजार रूपये लेते हुए वीडियो वायरस हुआ था। वीडियो में शेष धनराशि प्राप्त होने पर ही पैदाइश की बात कही गयी थी। शुक्रवार को हुई सुनवाई मे साक्ष्य के रूप में वीडियो क्लिप को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के समाने प्रस्तुत किया गया। जिसमें आरोपी लेखपाल द्वारा 16 हजार रूपये उत्कोच के रूप में लेते हुए देखा गया। इस वीडियो क्लिप के आधार पर लेखपाल प्रवीण शाही के विरूद्ध थाना कैंट में नायब तहसीलदार नगर द्वारा दर्ज करायी गयी प्राथमिकी को सही ठहराया गया और विभागीय जांच बैठा दी गई।

मजिस्ट्रेट ने लेखपाल प्रवीण शाही के इस कृत्य को अनुशासनात्मक कियाकलाप माना और भ्रष्टाचार का सूचक बताया। लेखपाल के इस कृत्य के दृष्टिगत उसे तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर दिया गया। निलम्बन की अवधि में लेखपाल प्रवीण शाही को वित्तीय नियम खण्ड -2 से 4 के मूल नियम 53 के प्राविधानों के अनुसार जीवन निर्वाह भत्ते की धनराशि अर्धवेतन पर अथवा अर्ध वेतन पर देय अवकाश वेतन के बराबर देने का फरमान सुनाया गया।

आदेश के मुताबिक प्रतिकर भत्ता अनुमन्य है। प्रस्तर 01 में उल्लिखित मदों का तभी भुगतान होगा, जब लेखपाल प्रवीण शाही द्वारा इस आशय का प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया जाएगा कि वह किसी अन्य सेवायोजन, व्यापार, वृत्ति, व्यवसाय में नहीं लगे हैं।

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