यूपी के कैबिनेट मंत्री को अदालत ने दे दी सजा, तो अदालत से आदेश ही लेकर फरार हो गए मंत्री, अदालत ने कराया मुकदमा दर्ज 

 
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कानपुर। उत्तर प्रदेश के एक कैबिनेट मंत्री आज अदालत द्वारा सजा दिए जाने की खबरों के बीच अदालत से ही फरार हो गए ,इससे भी ज़्यादा हैरत की बात ये रही कि मंत्री अदालत से उनके खिलाफ होने वाले आदेश की कॉपी ही निकाल कर ले गए।  मामले का खुलासा तब हुआ जब अदालत के पेशकार ने मंत्री और उनके साथियों के खिलाफ अदालती आदेश की कॉपी ले जाने के आरोप में मुकदमा दर्ज करा दिया। दिन भर के मंथन के बाद देर शाम न्यायालय के आदेश पर कोर्ट रीडर कामिनी ने मंत्री के खिलाफ कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया है। 

उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री राकेश सचान के खिलाफ मुकदमें को लेकर शनिवार की सुबह से चल रही चर्चाओं के बीच एक नया मोड़ सामने आ गया है। अब कोर्ट के पेशकार ने कोतवाली में कुछ लोगों द्वारा आदेश का पन्ना ले जाने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है जिस पर जांच शुरू कर दी गई है। एमएसएमई मंत्री राकेश सचान शनिवार की सुबह 11:35 बजे वकीलों और सुरक्षा कर्मियों के साथ दीवानी न्यायालय परिसर के द्वितीय तल स्थित एसीएमएम तृतीय कोर्ट पहुंचे, जहां 31 साल पहले नौबस्ता थाने में दर्ज हुए अवैध असलहा मामले में निर्णय आना था। कोर्ट ने सबसे पहले दोनों पक्षों की जिरह सुनी और एमएसएमई मंत्री को दोषी करार दे दिया। अब सजा के बिंदु पर सुनवाई होनी थी। अभियोजन अधिकारी रिचा गुप्ता ने अपनी बात कहते हुए अधिक से अधिक दंड देने की गुजारिश कोर्ट से की जबकि एमएसएमई मंत्री के अधिवक्ताओं ने सजा के बिंदु पर बहस से बचते हुए समय दिए जाने की मांग की। अदालत ने समय देने से इन्कार किया तो अधिवक्ताओं ने दबाव बनाने का प्रयास भी किया लेकिन वह भी सफल नहीं हुआ। इसी बीच न्यायिक अधिकारी चैंबर में गए जिसका फायदा उठाते हुए अधिवक्ताओं ने एमएसएमई मंत्री की फाइल से आदेश की मूल प्रति पढ़ने के लिए निकाल ली और मंत्री को लेकर निकल गए। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब अदालत की कोर्ट मोहर्रिर कामिनी ने मुकदमा दर्ज करने के लिए तहरीर दी। कामिनी की तहरीर ये है-

सेवा में

थानाध्यक्ष महोदय

कोतवाली कानपुर नगरमहोदय

निवेदन है कि आज दिनांक 06-8-22 को न्यायालय अपर मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट कक्षा संख्या तीन में मुकदमा संख्या 729/1991 अंतर्गत धारा 20/25/30 थाना नौबस्ता कानपुर नगर आदेश हेतु नियत थी। जिसमें पीठासीन अधिकारी द्वारा अभियुक्त राकेश सचान को दोषी सिद्ध करार दिया गया। सजा के बिंदु पर सुना गया। उसके बाद पीठासीन अधिकारी आदेश लिखने हेतु चेंबर में चले गए। तब लगभग 11:30 या 12:00 था। न्यायालय में और भी वादकारी एवं अन्य व्यक्ति थे। दोष सिद्ध करने के बाद अभियुक्त के अधिवक्ता द्वारा निर्णय देखने हेतु पत्रावली ली गई। इसी बीच अभियुक्त राकेश सचान द्वारा निर्णय पत्रावली लेकर फरार हो गया। अभियुक्त के साथ सुरक्षाकर्मी अन्य समर्थक व 40-50 लोग मौजूद थे। न्यायालय कक्ष में अत्यंत भीड़ होने के कारण किसी भी कर्मचारी द्वारा कुछ नहीं किया जा सका और अभियुक्त फरार हो गया। अतः महोदय से निवेदन है कि उचित धाराओं में एफआइआर दर्ज कर उचित कार्रवाई करने की कृपा करें।

प्रार्थी

कामिनी

रीडर एसीएमएम थर्ड

06-8-22


इस मामले में ज्वाइंट सीपी आनंद प्रकाश तिवारी ने कहा है कि कोर्ट के पेशकार द्वारा एक तहरीर दी गई है जिसमें यह बताया गया है कोर्ट का एक ऑर्डर जारी हुआ था उसकी कॉपी लेकर कुछ लोग चले गए हैं। अभी कुछ लोगों के नंबर स्विच ऑफ आ रहे हैं जिस वजह से जांच पूरी नहीं हो पाई है। आगे की जांच एसीपी कोतवाली को सौंपी गई है। जांच के बाद जो भी दोष सामने आएंगे, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

राकेश सचिन कानपुर में किदवई नगर के रहने वाले है राकेश सचान ने अपनी राजनीति की शुरुआत समाजवादी पार्टी से की थी.सबसे पहले वह 1993 और 2002 में वह घाटमपुर विधानसभा सीट से विधायक रहे और 2009 में उन्होंने फतेहपुर लोकसभा सीट से चुनाव जीता था, बाद में उन्होंने कांग्रेस का दामन थाम लिया था.और 2022 विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने भाजपा का दामन थामा और भोगनीपुर सीट से चुनाव लड़े और जीत हासिल की। राकेश सचान वर्तमान में योगी कैबिनेट में एमएसएमई मंत्री है। 

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