आग के मुहाने पर बैठा मेरठ शहर,छोटी सी चिंगारी मचा सकती है बड़ी तबाही

 
ूबबबू
मेरठ। दिल्ली  में भीषण अग्निकांड में अब तक 27 लोग जलकर मर चुके हैं। दिल्ली से सटे मेरठ में भी कई दर्दनाक अग्निकांड हो चुके हैं। विक्टोरिया पार्क ​अग्निकांड हादसे को भला कौन भूल सकता है। लेकिन आग की इन बड़ी घटनाओं से भी प्रशासन और लोग सबक नहीं ले रहे हैं। मेरठ आग के मुहाने पर बैठा हुआ है। जहां पर छोटी सी चिंगारी बड़ी तबाही मचा सकती है।
शहर भी आग के मुहाने पर है। छोटी-बड़ी फैक्ट्रियों से लेकर आवासीय और कामर्शियल कांप्लेक्स तक में मानकों की अनेदखी है। पिछले दिनों हुए बड़े अग्निकांड से भी सबक नहीं लिया जा रहा है। अफसर नोटिस और पत्राचार की बात कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं। शुक्रवार को दिल्ली में हुए भीषण अग्निकांड में करीब 27 लोगों की जान चली गई, जिसके बाद शहर के भी कई हादसों की यादें ताजा हो गईं। विक्टारिया पार्क को तो कोई भूला नहीं है। हाल ही में कई बड़ी घटनाएं हुई।
पीवीएस माल में आग लगी तो कई बड़ी फैक्ट्रियों में भी लपटें उठीं। इसके बाद दमकल विभाग ने जांच की तो पता चला कि 15 मीटर से बड़ी 97 बिल्डिंग हैं, जिसमें से 59 के मानक पूरे हैं। 35 अधूरे मानकों के साथ खड़ी या फिर फैक्ट्री चल रही हैं। सीएफओ संतोष कुमार राय ने बताया कि अधूरे मानकों वाली बिल्डिंग और फैक्ट्री को नोटिस जारी किया गया है। आला अधिकारियों को भी अवगत करा दिया था।
ये हैं शहर के संकरे गलियों वाले इलाके
रबड़ी वाली गली,नील की गली, कागजी बाजार, कच्ची सराय, होली मोहल्ला, तीरगरान, कुम्हारो वाली गली, सरायलाल दास, जत्तीवाड़ा, महावीर गली, ब्रह्मपुरी में शास्त्री कोठी के आसपास के रास्ते, मास्टर कालोनी की गलियां, गणेशपुरी, गुदड़ी बाजार, कोटला, छत्ता अली रजा, इस्माइल नगर जैसे पुराने शहर के तमाम इलाके हैं। यहां पर इतनी अधिक संकरी गलियां हैं कि अगर आग लग जाए तो बुझाने के लिए अग्निशमन वाहन भी नहीं पहुंच पाएगा।

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