रात आई आंधी ने मचाई तबाही, पेड़ के साथ दौड़ी संगम एक्सप्रेस

 
दजदग
मेरठ। रविवार देर रात आई आंधी ने जमकर तबाही मचाई। इससे कई जगहों पर पेड़ टूटकर गिरे। ग्रामीण इलाकों में कई स्थानों पर मकानों की छत उड़ गई। वहीं आंधी में रेल सेवा भी बाधित हुई। आंधी के चलते मेरठ हापुड रेल मार्ग करीब तीन घंटे तक बाधित रहा। बताया जा रहा है कि तेज आंधी के चलते हापुड रेल मार्ग पर धनौटा गांव के पास एक पेड़ टूटकर रेलवे ट्रैक पर गिर गया। जिस समय पेड़ गिरा उसी दौरान मेरठ की  ओर से संगम एक्सप्रेस जा रही थी। पेड़ संगम एक्सप्रेस के पहिए में फंस गया और ट्रेन पेड़ के साथ पटरी पर दौड़ती रही। इससे यात्रियों में अफरा तफरी मच गई। इसके चलते रेलवे की ओएचई वायर भी टूट गई। इसके बाद भी ट्रेन करीब 200 मीटर तक चलती रही। इससे प्रयागराज जा रही संगम एक्सप्रेस के यात्रियों में अफरातफरी मच गई। आंधी से मेरठ हापुड रेल मार्ग तीन घंटे तक बंद रहा। रेलवे कर्मचारियों ने जब ओएचई वायर ठीक की और पटरी पर पड़ा पेड़ हटाया उसके बाद ही करीब 12 बजे रेल यातायात समान्य हो पाया। इसके चलते लखनऊ जाने वाली नौचंदी एक्सप्रेस तीन घंटे तक बाधित रही। मेरठ से रात में 8:20 पर जाने वाली ये ट्रेन करीब 11:30 बजे मेरठ से रवाना हो सकी।
यात्रियों ने बताया कि पेड़ इंजन के नीचे फंस गया। लोको पायलट की सूझबूझ से ट्रेन को सुरक्षित रोक लिया गया। यत्रियों में अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान बड़ा हादसा टल गया। हापुड़ और मेरठ स्टेशन से ओएचई की मरम्मत करने के लिए टीम मौके पर पहुंची। पेड़ को काटकर अलग किया। जिसके बाद वायर जोड़ने का काम आरंभ हुआ। लंबी दूरी तक वायर फंस कर टूट जाने से ट्रेन को रवाना करने के लिए हापुड़ से डीजल इंजन भेजा गया। जिसके बाद ट्रेन 10.46 बजे हापुड़ पहुंची।  
ट्रैक बाधित होने से रात 7.10 बजे सिटी स्टेशन पहुंची नौचंदी एकसप्रेस को वहीं रोक दिया गया। नौचंदी जो सिटी स्टेशन से 7.55 बजे रवाना होती है वह स्टेशन पर खड़ी रही। रात 11.30 बजे रवाना हुई।

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