राजनेताओं का ध्यान समाज की विसंगतियों की ओर नहीं: सुभाष

 
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मेरठ। राष्ट्रीय बेरोजगार मंच के स्थापना दिवस के मौके पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर एडवोकेट सुभाष गोस्वामी ने मंच के संस्थापक,पूर्व मंत्री स्व.रामचन्द्र वाल्मीकि को श्रद्धांजलि भी अर्पित की। उन्होंने स्व.वाल्मीकि को एक जुझारू, बुद्धिजीवी नेता करार दिया। मुख्य वक्ता एवं राष्ट्रीय बेरोजगार मंच के संरक्षक एडवोकेट सुभाष गोस्वामी ने कहा कि राजनेताओं का ध्यान समाज की संरचना एवं विसंगतियों की ओर नहीं है। इसीलिए वे चाहते हुए भी सही एवं तार्किक निर्णय ले पाने में विफल होते आ रहे हैं। समाज के विशेषकर मजदूर- कामगार वर्ग और युवाओं की उपेक्षा निरन्तर‌ जारी है।किसान भी काफी पीड़ित महसूस कर रहे हैं।सार्वभौम चिन्तक सुभाष गोस्वामी ने सभी नागरिकों का आहवान किया कि वे विचार एवं दलगत भिन्नता के बावजूद समाज की व्यवस्था  परिवर्तन के हित में एक अभियान एवं मिशन के रूप में एकजुट संघर्ष करें। अन्यथा बढ़ती बेरोजगारी जैसी विभिन्न समस्याएं समस्त तंत्र के लिए घातक होगी।  समाजसेवी सुभाष गोस्वामी,एडवोकेट ने प्रशासनिक एवं आर्थिक आधारों पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गंगा-यमुना नदियों के दोआब एवं सम्बद्ध भौगोलिक क्षेत्र का उत्तराखंड की तरह "दोआब प्रदेश" या पश्चिम दोआब प्रदेश नामकरण से राज्य गठित किये जाने पर भी बल दिया ताकि इस क्षेत्र में विकास को गति मिल सके मेरठ में राजधानी,विधानसभा एवं हाईकोर्ट भी बन सकें। युवाओं को विशेष रूप से आगे आकर संयुक्त समिति पश्चिम दोआब प्रदेश को बल देना चाहिए।पूर्व पार्षद मनजीत सिंह कोछड़ उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय बेरोजगार मंच के बैनर से लम्बे समय तक मेरठ के चौधरी चरण सिंह पार्क में निरन्तर धरना आयोजित करके बेरोजगारी की बढ़ती हुई मुख्य समस्या की ओर सरकार का ध्यान खींचा गया था। संकल्प लिया गया कि मिशन जारी रहेगा।

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