सेहत पर पड़ रहा गर्मी का असर, अस्पताल में बढ़ी मरीजों की संख्या

 
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मेरठ। मई में गर्मी बढ़ने के साथ ही हीट स्ट्रोक के मरीज भी संख्या भी अब अस्पतालों में बढ़ रही हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक हीट स्ट्रोक की चपेट में आकर बीमार हो रहे हैं और अस्पताल पहुंच रहे हैं। मेरठ की ग्रामीण इलाकों में पीएचसी, सीएचसी सेंटरों पर हाल ये है कि सुबह से ही मरीजों की लाइन लग रही है। मेरठ में जिला अस्पताल की ओपीडी से लेकर मेडिकल कालेज की ओपीडी में भारी भीड़ मरीजों की जुट रही है। मई की शुरूआती दिनों से ही गर्मी बढ़ने के साथ मरीजों की संख्या में इजाफा होना शुरू हुआ। इन दिनों मेडिकल कालेज ओपीडी में प्रतिदिन 500 से अधिक मरीज गर्मी से बीमार होकर अपना इलाज कराने के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें सर्वाधिक मरीज हीट स्ट्रोक के हैं।
पिछले एक सप्ताह से दिन में चल रही गर्म हवाओं की चपेट में आकर लोग बीमारी का शिकार हो रहे हैं। शनिवार को मेरठ के जिला अस्पताल और मेडिकल कालेज के अलावा निजी चिकित्सकों के यहां मरीजों की भीड़ सुबह से ही लगी हुई थी।  इनमें डायरिया, सिरदर्द, थकान, कमजोरी और चक्कर आना के मरीज अधिक थे। मेडिकल कालेज के वरिष्ठ चिकित्सक डा0 तुंगवीर सिंह आर्य का कहना है कि ये सब लक्षण हीट स्ट्रोक के हैं। उन्होंने बताया कि लोग लापरवाही के कारण बीमार पड़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि हीट स्ट्रोक से बचाव के लिए अधिक से अधिक मात्रा में पानी पिएं। तेज धूप सिर और शरीर को ढककर निकलें। आरामदायक और सूती कपड़े पहनें। खाने में प्याज को सलाद में शामिल करें। बाहर से आकर तुरंत ठंडा पानी न पिएं। उन्होंने बताया कि हीट स्ट्रोक तापमान में लंबे समय तक अधिकता बने रहने के चलते होता है। बीमारी में तत्काल तुरंत इलाज की जरूरत होती है। ऐसे में मरीज को उपचार में देरी नहीं करनी चाहिए। हीट स्ट्रोक के इलाज में देरी से जान पर खतरा बन सकता है।

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