मेरठ कॉलेज में हॉस्टल को लेकर हंगामा, कॉलेज प्रशासन पर लगाए आरोप, छात्रों ने की हॉस्टल खुलवाने की मांग

 
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मेरठ। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े मेरठ कॉलेज में हॉस्टल के लिए एक बार फिर से हंगामा शुरू हो गया है। इस दौरान छात्र नेताओं ने हॉस्टल खुलवाने की मांग को लेकर परिसर से लेकर मेरठ कॉलेज के प्रिंसिपल ऑफिस तक जमकर नारेबाजी की है और कॉलेज प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए।

मेरठ कॉलेज के छात्र नेता विजित तालियान ने कहा कि मैनेजमेंट और कॉलेज प्रशासन मिलकर गरीब छात्रों की आवाज दबा रहा है। इसके साथ उन्‍होंने कहा कि दूरदराज से छात्र-छात्राएं हॉस्टल में रहकर अपनी पढ़ाई करते हैं, लेकिन कॉलेज प्रशासन ने ऐसे सभी छात्रों के सामने बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। महंगाई के दौर में वे कैसे महंगे किराए के कमरों में रहकर पढ़ाई करेंगे।

दरअसल.... मेरठ कॉलेज में कभी 7 हॉस्टल थे, मेरठ ही नहीं बल्कि दूर-दराज के छात्र-छात्राएं भी यहां अध्ययन करने के लिए आते थे, लेकिन धीरे-धीरे देखरेख नहीं होने के कारण 5 हॉस्टल खंडहर हालत में पहुंच चुके हैं। अब एक बॉयज और एक गर्ल्स हॉस्टल ही संचालित है, जो कि 2 साल से बंद है।

मेरठ कॉलेज के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष सौरभ चौधरी ने कहा कि मेरठ कॉलेज की विरासतों में एक हॉस्टल भी है। यहां पर विभिन्न राजनेताओं ने रहकर अध्ययन किया है। आज भी उन हॉस्टलों में रहकर युवाओं के लिए एक प्रेरणा मिलती है, किस तरीके से अच्छी तरह पढ़ाई कर उस मुकाम तक पहुंच सकते हैं। ऐसे में कॉलेज प्रशासन जिस तरीके से हॉस्टलों को बंद कर रहा है, उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी कड़ी में अनुज जावला ने कहा कि जल्द से जल्द हॉस्टल नहीं खुला तो मेरठ कॉलेज परिसर में अनिश्चितकाल के लिए धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया जाएगा।

मेरठ कॉलेज के प्रिंसिपल एसएन शर्मा ने कहा कि छात्रों के आवेदन को देखते हुए हॉस्टल का निरीक्षण किया जाएगा। उसके बाद ही कोई निर्णय होगा, क्योंकि दो साल से हॉस्टल बंद हैं। ऐसे में कोई दुर्घटना ना हो उसका भी विशेष ध्यान रखते हुए पहले हॉस्टल की स्थिति देखी जाएगी।

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