“नशे से आजादी” अभियान : लोगों को किया नशीले पदार्थों के प्रति जागरूक

 
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नोएडा। “नशे से आजादी” अभियान के अंतर्गत ब़ृहस्पतिवार को मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम ने मोरना बस स्टेंड पर नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जनमानस को नशीले पदार्थों के दुरुपयोग और तस्करी के खिलाफ और नशे की लत की वजह से होने वाली मानसिक बीमारियों के बारे में जागरूक किया।
कार्यक्रम की जिला सलाहकार डा. श्वेता खुराना ने बताया-नशीली दवाओं के दुरुपयोग और तस्करी के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दिवस (26 जून) के तहत स्वास्थ्य विभाग की ओर से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। इसी कड़ी में बृहस्पतिवार को जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम ने मोरना स्थित बस स्टेंड पर नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया। नाटक के जरिये लोगों को यह संदेश दिया गया कि किस तरह नशे के कारण युवा मानसिक बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं और अपना भविष्य बर्बाद कर रहे हैं। मोरना बस स्टेंड से कई जिलों के लिए बसों का आवागमन रहता है। यहां हर समय यात्रियों की भीड़ रहती है। अधिक से अधिक लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक किये जाने के मकसद से यहां नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया। जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम की सदस्य साइकेट्रिस्ट सोशल वर्कर रजनी सूरी, शिवानी अग्निहोत्री और डिस्ट्रिक्ट टैबोको कंट्रोल प्रोग्राम के विकास मिश्रा ने बस चालकों और कंडेक्टरों को विशेषरूप से नशे के प्रति आगाह किया। उन्हें नशे से होने वाले के नुकसान के बारे में भी बताया गया। शराब, गांजा, भांग आदि की लत कैसे छोड़ी जाए, इस बारे में भी बताया गया। 
गौरतलब है कि नशीली दवाओं के दुरुपयोग और तस्करी के खिलाफ हर साल 26 जून को अंतरराष्ट्रीय दिवस मनाया जाता है। सात दिसम्बर 1987 को संकल्प लेते हुए संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 26 जून को नशीली दवाओं के दुरुपयोग और तस्करी खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया था, ताकि नशे के फैलते जाल के विरोध में नशा मुक्ति अभियान चलाकर समाज में जागरूकता बढ़ाई जा सके। इस दिवस को मनाने का उद्देश्य लोगों में नशा मुक्ति की भावना पैदा करना है।

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