IndiaAI Impact Summit 2026 में बड़ा ऐलान अब छोटे किसान भी AI से बढ़ाएंगे पैदावार मिट्टी जांच से बाजार भाव तक हर जानकारी सेकंड्स में
आज खेती की दुनिया तेजी से बदल रही है और अब तकनीक सीधे खेत तक पहुंच रही है। नई दिल्ली के Bharat Mandapam में आयोजित IndiaAI Impact Summit 2026 में यह साफ दिखा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब सिर्फ बड़े किसानों तक सीमित नहीं है बल्कि छोटे और सीमांत किसानों के लिए भी नई उम्मीद बन चुका है। सरकार के IndiaAI Mission के तहत दिखाया गया कि कैसे एआई मिट्टी से लेकर मंडी तक हर स्तर पर किसानों की मदद कर सकता है।
मिट्टी जांच से बीमारी पहचान तक एआई की ताकत
समिट में AI for Smart and Resilient Agriculture जैसे सेशन में बताया गया कि एआई की मदद से मिट्टी की जांच अब पहले से कहीं आसान हो गई है। पहले जहां लैब टेस्ट में हफ्तों लग जाते थे वहीं अब कुछ ही सेकंड में मिट्टी की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। फसल में बीमारी का शुरुआती संकेत मिल सकता है और सिंचाई की सही मात्रा तय की जा सकती है। इससे पानी की बचत होती है और पैदावार बढ़ती है। छोटे किसानों के लिए यह तकनीक लागत कम करने और मुनाफा बढ़ाने का मजबूत जरिया बन सकती है।
22 लाख किसानों तक पहुंच चुका MahaVISTAAR AI
समिट में महाराष्ट्र का MahaVISTAAR AI सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। यह एआई आधारित कन्वर्सेशनल प्लेटफॉर्म मई 2025 से काम कर रहा है और अब तक 22 लाख से अधिक किसानों को पर्सनलाइज्ड सलाह दे चुका है। किसान फोन पर हिंदी या अपनी स्थानीय भाषा में बात कर सकते हैं। एआई उन्हें मिट्टी की स्थिति मौसम की जानकारी कीट और बीमारियों का समाधान और बाजार भाव तक की जानकारी देता है। खास बात यह है कि यह फीचर फोन पर भी चलता है और ऑफलाइन मोड में भी काम करता है। इंटरनेट न होने पर भी किसान इससे जुड़ सकते हैं। राज्य सरकार के अनुसार यह छोटे किसानों के लिए गेम चेंजर साबित हो रहा है।
मिट्टी की इंटेलिजेंस समझाता BeCrop AI
समिट में BeCrop AI प्लेटफॉर्म भी आकर्षण का केंद्र रहा। यह मिट्टी के सैंपल का एआई से विश्लेषण करता है और बताता है कि किस पोषक तत्व की कमी है और कौन सी बीमारी का खतरा हो सकता है। इससे किसान पहले ही तैयारी कर सकते हैं और फसल को सुरक्षित रख सकते हैं। मिट्टी की हेल्थ ट्रैक होने से रसायनों का इस्तेमाल कम होता है और फसल की गुणवत्ता बेहतर होती है। छोटे किसानों के लिए यह सस्ता और उपयोगी समाधान माना जा रहा है।
CropScan डिवाइस से तुरंत मिलेगी फसल की रिपोर्ट
एक और खास तकनीक CropScan Smart Farming IoT के रूप में सामने आई। यह एक हैंडहेल्ड एआई डिवाइस है जो फसल की तस्वीर लेकर बीमारी पोषण की कमी और कीट की पहचान करता है। यह भी ऑफलाइन काम करता है और स्थानीय भाषाओं में सलाह देता है। किसान तुरंत एक्शन ले सकते हैं जिससे फसल का नुकसान कम होता है और उत्पादन बेहतर होता है।
छोटे किसान के लिए नई उम्मीद
इस समिट ने यह संदेश दिया कि अब तकनीक सिर्फ बड़े खेतों तक सीमित नहीं है। एआई की मदद से छोटे किसान भी स्मार्ट खेती कर सकते हैं। मिट्टी की सही जानकारी सही समय पर सिंचाई और बीमारी का तुरंत समाधान उन्हें बेहतर पैदावार और ज्यादा आय दिला सकता है। आने वाले समय में एआई आधारित खेती भारत के कृषि क्षेत्र को नई दिशा दे सकती है।
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