हिमाचल में भारी बर्फबारी से 557 सड़कें बंद, 1757 ट्रांसफार्मर ठप

 
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में फिर से बर्फबारी का दौर चल रहा है। प्रदेश की राजधानी शिमला के साथ ही कुल्लू, चंबा, सिरमौर, सोलन, मंडी, किन्नौर, लाहौल स्पीति और कांगड़ा में ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी हुई। शिमला सहित पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी से जनजीवन पूरी तरह से अस्तव्यस्त है। सैंकड़ों सड़कों के बाधित होने से जहां प्रदेश की लाइफ लाइन परिवहन निगम के पहिए थमे हुए हैं, वहीं एक हजार 700 से अधिक ट्रांसफार्मरों के एक साथ बंद होने से भीषण ठंड के बीच लोगों को बिजली किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। शिमला जिला बर्फबारी से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है।

मौसम विभाग ने अपने पूर्वानुमान में राज्य के पर्वतीय इलाकों में आगामी 24 घण्टों में भी बर्फबारी जारी रहने की संभावना जताई है। विभाग ने 12 जनवरी से मौसम साफ रहने की संभावना व्यक्त की है।

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक बर्फबारी की वजह से प्रदेश भर में रविवार को दो नेशनल हाइवे (एनएच-5, एचएच-3) और 557 सड़कें बंद हैं। अकेले शिमला जिला में 209 सड़कें बंद हैं। लाहौल स्पीति में 81, चम्बा में 46, मंडी में 42, किन्नौर में 38, कुल्लू में 31 और सिरमौर में 10 सड़कें बाधित हैं। राज्य के पर्वतीय इलाकों में एक हजार, 757 ट्रांसफार्मर ठप पड़ने से बिजली आपूर्ति चरमरा गई है। शिमला में सर्वाधिक 706, सिरमौर में 422, चम्बा में 273, मंडी में 258, लाहौल स्पीति में 60, किनौर में 12 और कुल्लू में 9 ट्रांसफार्मर बंद हैं। चम्बा, मंडी और लाहौल स्पीति में 124 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं।

राजधानी शिमला में रविवार को दिन भर रुक-रुक कर बर्फबारी होती रही, जिससे शहर की अंदरूनी सड़कें और रास्ते अवरुद्ध हो गए हैं। वहीं अप्पर शिमला के कई हिस्सों का जिला मुख्यालय से सम्पर्क कट गया है। रामपुर की ओर जाने वाला नेशनल हाईवे-5 फिर बाधित हुआ है। इसी तरह चौपाल को जाने वाली सड़क खिड़की में अवरुद्ध है। जिला प्रशासन द्वारा इन मार्गों को बहाल करने का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है।

मौसम विभाग के अनुसार शिमला से सटे कुफरी और खदरला में 55-55 सेंटीमीटर बर्फबारी दर्ज की गई है। शिलारू में 42, डलहौजी में 30, सांगला में 28, कल्पा में 22, कोठी में 20 सेंटीमीटर बर्फबारी हुई। कांगड़ा जिला के बड़ा भंगाल में चार फुट और सिरमौर जिला के हरिपुरधार में एक फुट से अधिक ताज़ा बर्फबारी हुई है। इसके अलावा कांगड़ा के बीड बिलिंग, कुल्लू जिला की अटल टनल, गुलाबा, मंडी जिला की शिकारी माता व पराशर लेक और सोलन जिला के चायल में भी भारी बर्फबारी दर्ज हुई है।

शिमला में बर्फबारी से चहके सैलानी

शिमला में ताज़ा हिमपात से सैलानियों के चहरे खिल गए हैं। वीक एंड पर शिमला पहुंचे सैलानी बर्फबारी के मनमोहक नज़ारों का लुत्फ उठा रहे हैं। रिज मैदान पर सैलानी बर्फ से अठखेलियां कर बर्फबारी के दृश्यों को अपने कैमरे में कैद कर रहे हैं। बर्फबारी का दीदार करने बड़ी संख्या में सैलानियों ने शिमला में डेरा डाला है। यहां के होटल अपनी क्षमता के 80 फीसदी से अधिक तक भर चुके हैं। यहां साल की दूसरी बर्फबारी हुई है। शहर की सबसे ऊंची चोटी जाखू हिल्स समेत रिज मैदान और मॉल रोड सफेद चादर से ढक गए हैं। रविवार को राजधानी की सड़कें, मकानों की छतों और यहां तक कि टहनियाें पर भी बर्फ लदी है। जाखू में एक फीट से अधिक और शहर में लगभग आठ इंच बर्फबारी दर्ज की गई है।

शिमला और कुफरी सहित कई शहरों का माइनस में पारा

बारिश-बर्फबारी से तापमान में गिरावट आने से पूरा प्रदेश भीषण शीतलहर की चपेट में आ गया है। केलंग में न्यूनतम तापमान -5, कुफरी में -2.8, कल्पा में -2, शिमला में -0.2 और मनाली में शून्य डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। इसके अलावा सुंदरनगर में 5.7, भुंतर में 6.4, धर्मशाला में 4.2, ऊना में 7.7, नाहन में 8.6, पालमपुर व सोलन में 4.5, कांगड़ा में 6, मंडी में 6.2, बिलासपुर में 8, हमीरपुर में 7.8, चम्बा में 3.5, जुब्बड़हट्टी में 3.8 और पांवटा साहिब में 11 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक सुरेंद्र पाल ने बताया कि 10 व 11 जनवरी को भी बर्फबारी के आसार हैं, लेकिन किसी तरह का अलर्ट जारी नहीं किया गया है। फिर 12 व 13 जनवरी को पूरे प्रदेश में मौसम के साफ रहने का अनुमान है।

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