कृषि विरोधी कानून रद्द होने तक संसद नहीं चलने देंगे, कांग्रेसी है दबाव में - भगवंत मान

 
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दिल्ली/चंडीगढ़। आम आदमी पार्टी (आप) की पंजाब इकाई के अध्यक्ष एवं सांसद भगवंत मान ने कहा है कि तीनों कृषि कानून रद्द होने तक संसद की कार्यवाही चलने नहीं दी जाएगी।
मान ने आज कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सदन में पंजाब के चार -पांच सांसदों को छोड़ कर बाकी किसानों के हक में कृषि कानूनों के विरुद्ध बोलने की बजाए ‘राहुल गांधी की जासूसी’ के मुद्दे पर शोर-शराबा करते रहे। 
मान ने स्पष्ट कहा कि कृषि कानून रद्द किए बिना मानसून सत्र के दौरान संसद की कार्यवाही चलने नहीं दी जाएगी। मोदी सरकार को सत्र शुरू होने से पहले ही औपचारिक सर्वदलीय बैठक में यह बता दिया गया था। उन्होंने कांग्रेस की नीयत और नीति पर सवाल उठाते कहा कि कांग्रेस किस दबाव में है समझ से परे है । उसे अपने सभी सांसदों को एक साथ कृषि विरोधी कानूनों के खि़लाफ डटे रहने का निर्देश देना चाहिये ।
मान ने कहा कि देशवासियों ने प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’ बहुत सुन ली है और अब उनको किसानों, मजदूरों और आम लोगों की बात जरूर सुननी चाहिए। किसान राजधानी की सीमाओं पर पिछले आठ माह से बैठे हैं लेकिन सरकार किसानों की बात सुनने के लिए तैयार ही नहीं है। हम सभी को किसानों ने वोट डाल कर चुना है और हमारी जिम्मेदारी है कि तीनों ही काले कानूनों के विरुद्ध किसानों की आवाज को संसद में बुलंद किया जाए।
उन्होंने किसान मजदूर एकता जिंदाबाद, तीनों कृषि कानून वापस लो’ का नारा बुलंद किया और कहा कि 22 जुलाई को जब किसान कानून रद्द करवाने के लिए संसद के समक्ष शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने के लिए आएंगे तो वो खुद आगे हो कर किसानों का समर्थन करते हुए स्वागत करेंगे।

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