निलंबित थानेदार की मौत पर नहीं थम रहा आक्रोश, तीसरे दिन भी सड़कों पर उतरे लोग, मंत्री ने उच्चस्तरीय जांच की मांग की

 
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रांची। पलामू जिले के नावाबाजार थाना के निलंबित थानेदार लालजी यादव की संदिग्ध स्थितियों में हुई मौत पर जनाक्रोश थम नहीं रहा है। गुरुवार को उनकी अंत्येष्टि के पहले साहिबगंज शहर में हजारों लोग लालजी यादव के लिए इंसाफ की मांग करते हुए सड़कों पर उतर आये। अपराह्न् लगभग एक बजे गम और गुस्से के बीच उनका अंतिम संस्कार किया गया। इसके पहले पलामू में भी मंगलवार को आक्रोशित लोगों ने लगभग 16 घंटे तक हाइवे जाम कर दिया था। बता दें कि निलंबित थानेदार लालजी यादव की लाश बीचे मंगलवार को पुलिस क्वार्टर में फंदे पर लटकी मिली थी। पुलिस अफसर इसे आत्महत्या का मामला बता रहे हैं, जबकि परिजनों ने उनकी साजिश पूर्वक हत्या का आरोप लगाया है। मृतक पुलिस अफसर के भाई ने पलामू के डीआईजी को दिये गये आवेदन में वहां के एसपी चंदन कुमार सिन्हा, विश्रामपुर के एसडीपीओ सुरजीत कुमार और डीटीओ अनवर हुसैन को उनकी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि एसपी चंदन कुमार सिन्हा ने निलंबित थानेदार के परिजनों के आरोप को सिरे से नकार दिया है। उन्होंने कहा है कि अनुशासनहीनता की वजह से उन्हें निलंबित किया गया था। पुलिस विभाग में यह सामान्य सजा है। उनकी आत्महत्या का इस मामले से कोई संबंध नहीं है। जांच में सभी बातें स्पष्ट हो जायेंगी।

लालजी यादव साहिबगंज के रहने वाले थे। यहां गुरुवार सुबह उनका शव पहुंचने के पहले ही स्थानीय लोगों ने शहर के साक्षरता चौक को बांस- बल्ला लगाकर जाम कर दिया था। शव पहुंचने के बाद करीब दो हजार लोगों की भीड़ साक्षरता चौक पर जमा हो गयी। लोगों ने शहर के विभिन्न हिस्सों में थोड़ी देर तक दुकानें भी बंद करा दीं और रेलवे स्टेशन के समीप स्थित क्रासिंग को भी जाम कर दिया। इस वजह से कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गयी। प्रदर्शनकारी इस मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे थे। बाद में कई थानों की पुलिस पहुंची। समझाने-बुझाने पर जाम खत्म हुआ और इसके बाद उनका अंतिम संस्कार किया गया।

इधर, झारखंड सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर ने भी दारोगा की मौत की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने इस बाबत मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखा है। इसकी प्रति मुख्य सचिव एवं पुलिस महानिदेशक को भी भेजी है। मंत्री ने उल्लेख किया है कि जिन परिस्थितियों में दारेागा लाल यादव ने आत्महत्या की है, उसे लेकर पूरे पलामू प्रमंडल एवं राज्य में कई जगहों पर अलग-अलग तरीके की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। ऐसे में जरूरी है कि इस मामले की वास्तविकता सामने लाने के लिए इसकी उच्च स्तरीय जांच हो।

 

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