मप्र की जेलों में 300 बंदी कोरोना संक्रमित, आयोग ने मांगी रिपोर्ट

 
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भोपाल। मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने प्रदेश की जेलों में 300 बंदियों के कोरोना संक्रमित होने पर संज्ञान लिया है। इस मामले में आयोग ने पुलिस महानिदेशक, जेल एवं सुधारात्मक सेवाएं, मध्यप्रदेश से 18 मई तक प्रतिवेदन मांगा है। आयोग ने जेल महानिदेशक से यह भी पूछा है कि कितने कैदियों को पहला व दूसरा टीका लग चुका है ? यदि नहीं लगा है, तो क्यों, कारण बताएं ? यह भी बताएं कि कोरोना से बचने के लिये सभी जेलों में क्या व्यवस्थाएं की गई हैं?

मानव अधिकार आयोग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में जेलों में संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। मध्यप्रदेश की जेलों में अभी तक 300 बंदी संक्रमित हुये हैं। जेल प्रशासन कोरोना की रोकथाम के लिये प्रयास कर रहा है, लेकिन क्षमता से अधिक बंदी होने के कारण संकट से बचने के उपाय आसान नहीं हैं। बंदियों की संख्या कम करने के लिये जेल प्रशासन द्वारा 4500 बंदियों को पैरोल पर छोडा गया है, लेकिन कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान करीब 8000 नये बंदी जेल पहुंचे हैं। इससे बंदियों की संख्या कम नहीं हुई है और शारीरिक दूरी रखने जैसे उपाय करने में भारी दिक्कतें आ रही है। इस बीच जेलों में भी संक्रमण पहुंच चुका है।

शिवपुरी में तीन आदिवासी बच्चों की मौत, तीन गंभीर
शिवपुरी जिले के कोलारस थाना क्षेत्र के आदिवासी बहुल बैरसिया गांव में 24 घंटे में तीन बच्चों ने दम तोड़ दिया, वहीं तीन की हालत गंभीर है। मौत का कोई कारण सामने नहीं आया है। ग्रामीणों का कहना है कि बीते शुक्रवार को एक फेरीवाला तरबूज बेच रहा था,  बच्चों ने उसी से तरबूज खरीद कर खाया था। इसके बाद से ही उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। सूचना मिलने पर जिला प्रशासन की टीम गांव पहुंची और बच्चों सहित कुछ लोगों का कोरोना सेम्पल भी लिया। इस मामले में आयोग ने कलेक्टर तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, शिवपुरी से 11 मई तक प्रतिवेदन मांगा है।

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