हरित ऊर्जा के क्षेत्र में एनसीएल का ऐतिहासिक कदम 

 

सिंगरौली। नवीकरणीय व हरित ऊर्जा के क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम उठाते हुए व नेट ज़ीरो कंपनी बनने के उद्देश्य से नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड ने सीआईएएल एनटीपीसी ऊर्जा प्राइवेट लिमिटेड (सीएनयूपीएल) के साथ अपनी निगाही परियोजना में 50 मेगावाट के सोलर पावर प्लांट की स्थापना के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) हस्ताक्षरित किया है।

गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित एक समारोह में  कोल इंडिया लिमिटेड के निदेशक तकनीकी विनय दयाल, एनटीपीसी के निदेशक संचालन रमेश बाबू, एनसीएल के निदेशक (तकनीकी/संचालन) डॉ अनिंद्य सिन्हा, निदेशक (तकनीकी/परियोजना एवं योजना) एसएस सिन्हा, एनयूपीएल के चेयरमैन एमके सिंह व कोल इंडिया, एनटीपीसी, सीएनयूपीएल एवं एनसीएल के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

उक्त एमओयू पर एनसीएल की ओर से महाप्रबंधक (ईएंडएम ) एसके वर्मा व  सीएनयूपीएल की ओर से सीईओ बीके पांडा ने हस्ताक्षर किए।

निदेशक तकनीकी, कोल इंडिया लिमिटेड विनय दयाल ने सीएमडी एनसीएल प्रभात कुमार सिन्हा एवं उनकी टीम को बधाई दी एवं उम्मीद जताई कि यह प्रोजेक्ट समय से पहले ही पूरा होगा। साथ ही इस प्रोजेक्ट को कोल इंडिया के सौर ऊर्जा के क्षेत्र में सबसे बड़ा प्रोजेक्ट होने के चलते इसे एक एतिहासिक क्षण भी करार दिया।

 

एनटीपीसी के निदेशक (संचालन) रमेश बाबू ने इस सौर परियोजना पर कार्य कर रही पूरी टीम को शुभकामनाएं प्रेषित की । साथ ही परियोजना परामर्शदाता के रूप में भविष्य में ऐसे कई प्लांट स्थापित करने में सहयोग हेतु आश्वस्त किया ।   

एनसीएल के निदेशक (तकनीकी/संचालन) डॉ अनिंद्य सिन्हा  ने एनसीएल की नेट ज़ीरो एनर्जी कंपनी बनने की प्रतिबद्धता को दोहराया व कहा इस सौर ऊर्जा प्लांट से क्षेत्र के कार्बन फुट प्रिंट में कमी आएगी । साथ ही उन्होने विश्वास दिलाया कि यह परियोजना अपनी आकांक्षाओं पर खरा उतरेगी। 

उल्लेखनीय है कि 50 मेगावाट का यह सोलर पावर प्लांट, एनसीएल को एक नेट ज़ीरो एनर्जी कंपनी बनने में मदद करेगा, नेट ज़ीरो एनर्जी कंपनी अपने संचालन के लिए शत प्रतिशत नवीकरणीय ऊर्जा जो की स्वयं के स्रोतों से निर्मित होता है, का ही इस्तेमाल करती है। 

इस दिशा में एनसीएल ने पहले से ही अपने कार्यालयों और आवासीय परिसरों की छतों पर 3.37MW क्षमता के सौर ऊर्जा सिस्टम पर काम शुरू कर दिया है। साथ ही आने वाले समय में एनसीएल, कोल इंडिया लिमिटेड को हरित ऊर्जा हेतु निर्धारित लक्ष्य में अपना लगभग 280 मेगावाट का योगदान देने की योजना पर कार्य कर रही है।

 एनसीएल सिंगरौली (देश की ऊर्जा राजधानी) स्थित एक मिनिरत्न कंपनी है व विश्व की सबसे बड़ी कोयला कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड की एक अग्रणी अनुषंगी भी है। देश की ऊर्जा आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए एनसीएल अपनी 10 अत्याधुनिक मशीनीकृत खुली खदानों से सालाना 115 मिलियन टन कोयला निकालती है।

 

 गौरतलब है कि सीआईएएल एनटीपीसी ऊर्जा प्राइवेट लिमिटेड (सीएनयूपीएल)  देश की दो महारत्न कंपनी सीआईएएल व एनटीपीसी का संयुक्त उपक्रम है जिसे कोयला खदान और नवीकरणीय ऊर्जा के विकास के उद्देश्य से बनाया गया था।

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