पीएफआई से जुड़े लोगों और उनके सगे-संबंधियों के बैंक खातों में विदेशों से आए 500 करोड़

 
करपप

मुंबई। महाराष्ट्र के अमरावती जिले के उमेश कोल्हे हत्याकांड की जांच में जुटी नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) को पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के तीन लाख फैमिली अकाउंट का पता चला है।

एनआईए सूत्रों ने दावा किया है कि इन खातों में परिवार के भरण-पोषण के नाम पर कतार, कुवैत, बहरीन और सऊदी अरब से 500 करोड़ रुपये आए। यह राशि मनी ट्रांसफर के जरिए अलग-अलग खातों में भेजी गई है। इन खातों में से एक लाख खाते पीएफआई की गतिविधियों में सक्रिय लोगों के हैं और शेष दो लाख खाते उनके रिश्तेदारों एवं परिचितों के हैं। एनआईए इस बात की जांच कर रही है कि इन खातों में आने वाले पैसे का इस्तेमाल किस लिए किया जा रहा है।

एनआईए को इस मामले में आरोपितों से पूछताछ के दौरान तब्लीगी जमात और जमीयत उलेमा-ए-हिंद (जेयूएच) की भूमिका की जानकारी मिली है। इन दोनों संगठनों पर भी एनआईए नजर बनाए हुए है। साथ ही महाराष्ट्र के पुणे, जालना और औरंगाबाद जिले में आतंकी गतिविधियां बढ़ने से खुफिया एजेंसियां अएलर्ट मोड पर हैं।

सूत्रों के अनुसार पीएफआई ने पुणे में अपना मुख्यालय बनाया है, जबकि सोशल डेमोक्रैटिक पार्टी आफ इंडिया (एसडीपीआई) जालना और औरंगाबाद में सदस्यों का पंजीकरण कर रही है। यह अलर्ट खुफिया एजेंसियों ने दिया है। पीएफआई और एसडीपीआई की योजना बेहद गोपनीय तरीके से बनाई जा रही है।

दरअसल, एनआईए केमिस्ट उमेश कोल्हे हत्याकांड की जांच कर रही है। इस मामले में एनआईए ने सोमवार को स्पेशल कोर्ट में चार्जशीट पेश करने के लिए अतिरिक्त वक्त की मांग की थी। स्पेशल कोर्ट ने मंगलवार को एनआईए को इस मामले में चार्जशीट पेश करने के लिए 90 दिन का अतिरिक्त समय दिया है।

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