लाकअप में बंद कैदियों से पत्र लिखवाकर सरकार की बदनामी का नया चलन: संजय राऊत

 

मुंबई। शिवसेना प्रवक्ता संजय राऊत ने कहा कि इस समय लाकअप में बंद कैदियों से पत्र लिखवाकर सरकार की बदनामी का नया तरीका चलन में आ गया है। लेकिन अगर इस तरीके पर काम किया गया तो जेल में बहुत से कैदी हैं, यह सभी राजनीतिक दलों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। 

संजय राऊत ने गुरुवार को पत्रकारों को बताया कि केंद्रीय जांच संस्था की कस्टडी से एक कैदी ने महाविकास आघाड़ी के मंत्री अनिल परब पर जो आरोप लगाया है, वह पूर्णत: असत्य व निराधार है। इस तरह की राजनीतिक साजिश सिर्फ सरकार व उसमें शामिल मंत्रियों व नेताओं के चरित्र हनन का हिस्सा मात्र है। अनिल परब इस तरह का काम कर ही नहीं सकते हैं।

संजय राऊत ने कहा कि विपक्ष केंद्रीय जांच संस्था का उपयोग इसी तरह महाविकास आघाड़ी को बदनाम करने की साजिश रच रहा है और झूठे सबूत गढ़ रहा है। इस तरह का प्रयास विपक्ष ने महाविकास आघाड़ी सरकार गठन होने के बाद पहले दिन से ही शुरू कर दिया था। संजय राऊत ने कहा विपक्ष का यह प्रयास किसी भी तरह सफल नहीं होगा, राज्य सरकार विपक्ष की इस तरह की राजनीतिक साजिश का पर्दाफाश करके रहेगी।

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