जौलीग्रांट हवाई अड्डे के विस्तारीकरण के विरोध में हुई महापंचायत, एक इंच भी नही देंगे जमीन

 
ू
देहरादून। देहरादून हवाई अड्डे के विस्तारीकरण के विरोध में टिहरी बांध विस्थापित और जौलीग्रांट क्षेत्र के सैकड़ों लोगों ने महापंचायत का आयोजन किया। जिसमें सर्वसम्मति से यह बात निकलकर आई कि जनता हवाई अड्डे के विस्तार के लिए अपनी भूमि नहीं देगी। महापंचायत में विभिन्न स्थानों से टिहरी बांध विस्थापित अपना समर्थन देने आए। महापंचायत की शुरूआत उन तमाम लोगों को श्रद्धांजलि देकर शुरू की गई जिनके योगदान से यह क्षेत्र फला फूला, जिनके संघर्ष क्षेत्र में पीने के पानी से लेकर सिंचाई के पानी की व्यवस्था हुई। इस महापंचायत का आवाहन करने वाले गजेंद्र रावत ने सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि यह सरकार क्षेत्र के लोगों को बरगला कर उनके खेत, उनके घर, उनकी जमीन, उनकी दुकान से उन्हें बाहर करने का षड्यंत्र कर रही है।

सरकार की कथनी और करनी में इतना बड़ा अंतर है कि तीन बार तीन अलग-अलग विभागों से सर्वे करवाने के बाद सरकार इसे सिर्फ प्रारंभिक सर्वे बता रही है। महापंचायत में विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों ने इस बात पर आक्रोश व्यक्त किया कि टिहरी बांध से विस्थापित होने के बाद उन्हें कभी राजाजी नेशनल पार्क के विस्तार के लिए तो कभी हवाई अड्डे के विस्तार के लिए विस्थापित होना पड़ा। बार-बार विस्थापन के इस दंश को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

गजेंद्र रावत ने कहा कि यदि स्थानीय विधायक और सांसद जनता के साथ खड़े नहीं हुए तो उनका पुरजोर विरोध और बहिष्कार किया जाएगा। देहरादून हवाई अड्डे पर आने वाले जनप्रतिनिधियों का जमकर विरोध किया जाएगा। महापंचायत में इस बात की चिंता व्यक्त की गई कि सरकार किसानों, व्यापारियों भूमि धारकों, किराए की दुकान से अपना घर चलाने वाले लोगों के प्रति गंभीर नहीं है।

इस महापंचायत में जौलीग्रांट के पूर्व प्रधान सागर मनवाल ने विस्तृत रूप से विस्थापन की पीड़ा को उदाहरणों के साथ समझाया। महापंचायत का संचालन कीर्ति सिंह नेगी ने किया और अध्यक्षता वयोवृद्ध नेता विक्रम सिंह भंडारी ने की। भाजपा नेता दिनेश डोभाल ने सरकार को चेताया कि बार-बार इस प्रकार से क्षेत्र के लोगों को बेदखल करना न्यायोचित नहीं है।
 

From around the web